चेन्नई (एजेंसी)। ऑस्ट्रेलिया (Australia) के खिलाफ वनडे विश्व कप के मुकाबले में भारतीय (Indian) शीर्षक्रम की एक बार फिर पोल खुल गई है। टीम इंडिया (Team India) ने दो रन पर ही तीन विकेट गंवा दिए थे। ईशान किशन (Ishaan Kishan), कप्तान रोहित शर्मा (Captain Rohit Sharma) और श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) खाता खोले बिना आउट हुए। ईशान को मिचेल स्टार्क ने भारतीय पारी के पहले ही ओवर में स्लिप में कैमरन ग्रीन के हाथों कैच कराया। इसके बाद जोश हेजलवुड ने दूसरे ओवर की तीसरी गेंद पर रोहित शर्मा को शानदार सीम बॉलिंग पर एल्बीडब


India vs Australia ODI Cricket
चेन्नई (एजेंसी)। ऑस्ट्रेलिया (Australia) के खिलाफ वनडे विश्व कप के मुकाबले में भारतीय (Indian) शीर्षक्रम की एक बार फिर पोल खुल गई है। टीम इंडिया (Team India) ने दो रन पर ही तीन विकेट गंवा दिए थे। ईशान किशन (Ishaan Kishan), कप्तान रोहित शर्मा (Captain Rohit Sharma) और श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) खाता खोले बिना आउट हुए। ईशान को मिचेल स्टार्क ने भारतीय पारी के पहले ही ओवर में स्लिप में कैमरन ग्रीन के हाथों कैच कराया। इसके बाद जोश हेजलवुड ने दूसरे ओवर की तीसरी गेंद पर रोहित शर्मा को शानदार सीम बॉलिंग पर एल्बीडब्ल्यू आउट किया। इसी ओवर की आखिरी गेंद पर हेजलवुड ने श्रेयस अय्यर वॉर्नर के हाथों कैच कराया। रोहित ने छह गेंदें खेलीं, ईशान पहली गेंद पर और श्रेयस अय्यर तीन गेंद खेलकर आउट हुए। उस पिच पर जहां भारतीय स्पिनर्स ने छह विकेट निकाले, वहां पर भारत के इन तीन बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों के सामने घुटने टेक दिए ।
खराब गेंद पर गंवा बैठे विकेट
तीनों ही खिलाड़ियों की गेंद साधारण थी और भारतीय बल्लेबाज अपनी गलती से विकेट गंवा बैठे। रोहित शर्मा एक बार फिर अंदर आती गेंद पर एल्बीडब्ल्यू आउट हुए, जबकि ईशान बाहर जाती गेंद से छेड़खानी करने के चक्कर में कैच थमा बैठे। सबसे खराब तो श्रेयस का विकेट रहा। जब भारत ने दो रन पर दोनों ओपनर के विकेट गंवा दिए थे, तो श्रेयस ने लापरवाही दिखाते हुए आसान गेंद पर बड़े शॉट लगाने के चक्कर में अपना विकेट दे दिया। भारतीय शीर्षक्रम ने एकबार फिर मध्यक्रम पर दबाव डाल दिया है। कुछ समय पहले तक शीर्षक्रम इसी तरह फेल होता था। अब विश्व कप के अपने पहले मैच ही भारतीय शीर्षक्रम की पोल खुल गई है।
2004 में पिछली बार हुई थी यह
यह भारत के वनडे इतिहास में पहली बार है जब शुरूआती तीन आउट होने वाले बल्लेबाज खाता खोले बिना पवेलियन लौटे हों। पिछली बार वनडे में भारत के दोनों ओपनर शून्य पर 19 साल पहले आउट हुए थे। 2004 में जिम्बाब्वे के खिलाफ एडिलेड में संजय बांगर और पार्थिव पटेल खाता खोले बिना पवेलियन लौटे थे। वहीं, वनडे विश्व कप में भारत के दोनों ओपनर्स के खाता खोले बिना पवेलियन लौटने की घटना 40 साल पहले घटी थी। पिछली बार 1983 विश्व कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ ट्यूनब्रिज में भारत के दोनों ओपनर्स खाता खोले बिना आउट हुए. 'थे।
रतीय शीर्षक्रम की पोल खुली
दो रन के स्कोर तीन विकेट गिरने के समय भारत का न्यूनतम स्कोर भी है। इससे पहले 2004 में भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ एडिलेड में चार रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके अलावा 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में भारत ने चार रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। ईशान, रोहित और श्रेयस की खराब बल्लेबाजी ने भारत को परेशानी में डाल दिया है और ओपनिंग मैच में ही टीम इंडिया पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इसके बाद भारत को लीग राउंड में सात और मैच खेलने हैं और इस प्रदर्शन पर बाकी टीमों की भी नजरें होंगी। ऐसे में आगे के मैचों टीम इंडिया को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही 10 साल के आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म करने का टीम इंडिया का अभियान भी प्रभावित हो सकता है।
Editorial

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