BJP Election Strategy
नई दिल्ली (एजेंसी)। चुनाव की घोषणा से पहले प्रत्याशियों के एलान की मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की रणनीति भाजपा लोकसभा (BJP Lok Sabha) में भी मुश्किल सीटों पर आजमा सकती है। इन दोनों राज्यों के विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) की कमान संभाल वाले भाजपा (BJP) के रणनीतिकार गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने पहली बार चुनाव की घोषणा के पहले प्रत्याशियों को उतारने का फैसला किया। लोकसभा की 160 सीटें ऐसी हैं, जिन्हें भाजपा कभी नहीं जीत पाई है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने पार्टी को इनमें जीत हासिल करने का लक्ष्य दिया है। सांसदों को विधानसभा की मुश्किल सीटों पर उतारने का काम भाजपा पहले भी करती रही है। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक को उतारा था। इस बार मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में तीन मंत्रियों समेत 7 सांसदों को मैदान में उतारा गया है। अब तक भाजपा छत्तीसगढ़ में 90 सीटों में से 21 और मध्य प्रदेश की 230 सीटों में से 78 पर प्रत्याशियों का एलान कर चुकी है । इनमें एकाध को छोड़कर सभी हारी हुई सीटें हैं। चुनाव की घोषणा के पहले प्रत्याशियों का एलान भाजपा के लिए नई रणनीति है और पार्टी को इसके परिणाम का इंतजार है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इसकी सफलता के बाद निश्चित रूप से आगामी चुनावों में इसे दोहराया जा सकता है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद अगले साल अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने हैं, जिसमें भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार जीत के लिए मैदान में उतरेगी। ऐसे में अभी तक हारी हुए 160 सीटों पर इस रणनीति को आजमाया जा सकता है। दरअसल इन सीटों पर फतह के लिए भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव के तत्काल बाद ही कोशिश शुरू कर दी थी। इसके लिए वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं को अलग-अलग सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इन सीटों के व्यापक दौरे और कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत के बाद पार्टी के लिए संभावनाओं व रणनीति की रिपोर्ट भी केंद्रीय नेतृत्व को मिल चुकी है।
Editorial

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