Pratahkal:Uddhav Thackeray attacked the state government regarding the death of patients in the hospital
मुंबई । महाराष्ट्र (Maharashtra) में पिछले कुछ दिनों से मरीजों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। नांदेड़ (Nanded) के बाद अब नागपुर में भी 4 दिनों में 80 मरीजों की मौत हो गई है। अस्पतालों में मरीजों की इतनी तेजी से मौत को लेकर प्रशासन और राज्य सरकार पर कई तरह के सवाल खड़े किए जा रहे हैं। राज्य के पूर्व सीएम और शिवसेना (यूबीटी) (Shivvsena UBT) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने भी राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं।
  • इसका जिम्मेदार कौन?
अस्पतालों में हो रही मौत को लेकर उद्धव ठाकरे ने कहा, "कोविड-19 के दौरान, वही डॉक्टर, डीन, नर्स और वार्ड बॉय थे। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा की। मेरी जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र एकमात्र ऐसा राज्य था, जहां दूर-दराज के इलाकों में ड्रोन के जरिए दवाएं पहुंचाई जाती थीं। पिछले कुछ दिनों से ठाणे, छत्रपति संभाजी नगर, नागपुर और नांदेड़ से मरीजों की मौक की खबरें आ रही हैं और अभी भी आ रही हैं। कौन जिम्मेदार है? इस कठिन समय में सीएम कहां हैं? यह सीएम और डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी थी कि वे जाकर इसका कारण जानें।"
  • भ्रष्ट शासन के कारण गंवा रहे जान
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के पास अपने विज्ञापन चलाने के लिए तो पैसा है, लेकिन लोगों की जान बचाने के लिए पैसा नहीं है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बिना टेंडरिंग प्रक्रिया के दवाओं की खरीद की जा रही है। ठाकरे ने आरोप लगाया, "अगर ऐसा होने जा रहा है, तो आप भ्रष्टाचार के लिए दरवाजे खोल रहे हैं। लोग अपने भ्रष्ट शासन के कारण जान गंवा रहे हैं।" 30 सितंबर के बाद से 48 घंटों में नांदेड़ के डॉ. शंकरराव चव्हाण सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में शिशुओं सहित 31 मरीजों की मौत हो गई, जबकि 2 अक्टूबर से 3 अक्टूबर के बीच छत्रपति संभाजीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 18 मरीजों की मौत दर्ज की गई।
  • डीन और डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज
नांदेड़ (Nanded) अस्पताल में हो रही मौतों को लेकर डॉ. शंकरराव चव्हाण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (Dr. Shankarrao Chavan Medical College and Hospital) के डिलीवरी विभाग के डीन और डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, उनके खिलाफ IPC की धारा 304 और 34 के तहत FIR दर्ज की गई है।
Editorial

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