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गोरेगांव फायर : महिला ने सुनाई आपबीती
By EditorialPublished on
गोरेगांव में जय संदेश इमारत में शुक्रवार (6 अक्टूबर) तड़के आग (Goregaon Fire) लग गई, जिसमें 7 लोगों की मौत और 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इमारत में आग की लपटों के बीच उठते धुएं के गुबार में एक परिवार को सांस लेने में परेशानी होने लगी। इस पूरे परिवार ने अपनी जान बचाने के लिए खिड़की से बाहर कूदने का विचार बना लिया।

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मुंबई । गोरेगांव में जय संदेश इमारत में शुक्रवार (6 अक्टूबर) तड़के आग (Goregaon Fire) लग गई, जिसमें 7 लोगों की मौत और 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इमारत में आग की लपटों के बीच उठते धुएं के गुबार में एक परिवार को सांस लेने में परेशानी होने लगी। इस पूरे परिवार ने अपनी जान बचाने के लिए खिड़की से बाहर कूदने का विचार बना लिया।
समाचार एजेंसी को परिवार की एक महिला ने बताया कि वो और इमारत में रहने वाले कई अन्य निवासियों ने 7 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग की आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि जब आग लगी तब वे गहरी नींद में सो रहे थे। बीएमसी के अधिकारियों ने कहा कि ग्राउंडफ्लोर पर पर कई वाहन पूरी तरह जल गए हैं। मीडिया से बात करते हुए 30 साल की महिला ने कहा कि उसे और उसके परिवार के सदस्यों को फायर ब्रिगेड ने बचा लिया, लेकिन उससे पहले का मंजर अंधकारमय, डरावना और दमघोंटू था।
- 'हम ठीक से सांस नहीं ले पा रहे थे'
महिला ने बताया कि हम अपने घर के अंदर फंस गए थे और आग और घने धुएं के कारण ठीक से सांस नहीं ले पा रहे थे। महिला ने कहा, "मुझे किडनी की बीमारी है, इसलिए मेरे परिवार वाले मेरे बारे में ज़्यादा चिंतित थे। मैं जोर-जोर से सांस ले रही थी। ऐसा महसूस हो रहा था कि मुझे कोई दबा रहा है, मैं उल्टी करना चाहती थी।"महिला ने कहा कि वह और उसके परिवार के सदस्य दरवाजे की ओर बढ़ते रहे लेकिन आग की लपटों के बीच से निकलना संभव नहीं था। उन्होंने कहा, "हमने अपनी जान बचाने के लिए खिड़की से बाहर कूदने के बारे में सोचा। मेरे पिता ने भी कई बार ऐसा करने की कोशिश की लेकिन हमने उन्हें रोक दिया।"
- लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे
महिला ने आगे बताया कि उसका डरा हुआ परिवार अंधेरे में मदद के लिए चिल्ला रहा था। एक घंटे बाद फायर सर्विस के लोगों ने आकर हमें बचा लिया। उन्होंने बताया कि फायर सर्विस के अधिकारियों द्वारा बचाए गए लोगों में छोटे बच्चे भी शामिल हैं। घटना के समय बच्चे डरे हुए थे और रो रहे थे। वहीं, फायर सर्विस के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने गोरेगांव पश्चिम में जय संदेश इमारत की छत और विभिन्न मंजिलों से लगभग 30 लोगों को बचाया। वहां मौजूद एक दूसरी महिला ने कहा कि आग लगभग रात 2.30 बजे ग्राउंडफ्लोर पर लगी। इस समय लोग गहरी नींद में सो रहे थे। इमारत में धुआं और आग की लपटें उठने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि हम सभी खतरे में हैं। वहीं, एक अन्य निवासी ने दावा किया कि उसने सुबह 3 बजे के आसपास एक घमाके की आवाज सुनी। इसके बाद वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ सीढ़ियों से नीचे उतरते हुए सभी के दरवाजे की घंटी बजाई और इमारत से निचे उतारा गया।

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