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पटना (एजेंसी)। बिहार (Bihar) में जाति आधारित गणना की रिपोर्ट को भाजपा (BJP) ने सही तो नहीं माना है, लेकिन इसी रिपोर्ट के आधार पर लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Election 2024) में वो अपनी रणनीति बनाने में लग गई है। माना जा रहा है कि यूपी में योगी आदित्यनाथ की तर्ज पर जाति वाली रिपोर्ट में भाजपा ने फायदे का फॉर्म्यूला ढूंढ लिया है। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के बिहार अध्यक्ष सम्राट चौधरी (President Samrat Chaudhary) ने बड़ा दावा ठोक दिया है। सम्राट चौधरी के मुताबिक इस रिपोर्ट से साफ हो गया है कि बिहार में 80 फीसदी लोग भाजपा के समर्थक हैं। यूं समझिए कि भाजपा ने सीधे-सीधे बिहार में हिंदू वोटों पर अपना दावा ठोक दिया है। इससे पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का एक कथित बयान 80 बनाम 20 भी खूब चर्चा में रहा था। वहीं पटना में सम्राट चौधरी ने ये आरोप लगाया कि ये रिपोर्ट राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के तुष्टिकरण की राजनीति और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस पर समर्थित राजनीति के अनुरूप तैयार की गई है। सम्राट चौधरी ने कहा, भाजपा जाति आधारित गणना का स्वागत करती है जिसका आदेश राज्य कैबिनेट ने तब दिया था जब हमारी पार्टी से दो उपमुख्यमंत्री सहित 16 मंत्री थे।
बिहार में 80 फीसदी
हमारे समर्थक : भाजपा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा, जो आंकड़े सामने आए हैं उनमें से अस्सी प्रतिशत लोग भाजपा के समर्थक हैं। चौधरी का इशारा सर्वेक्षण में राज्य की कुल आबादी में बहुसंख्यक हिंदू समुदाय की आबादी 80 प्रतिशत दर्शाए जाने की ओर था। हालांकि बिहार भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि धानुक जैसे कई अत्यंत पिछड़े वर्ग (ईबीसी) के लोग उनसे शिकायत कर रहे हैं कि उनकी संख्या अनुमान से कम दिखाई गई है। उन्होंने कहा, हम सरकार से सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली जानने की कोशिश करेंगे। हमें संदेह है कि नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद के दबाव में काम किया है जिनकी तुष्टिकरण की राजनीति जगजाहिर है चौधरी ने कहा कि अगर नीतीश और लालू को वास्तव में अतिपिछड़ों की परवाह है तो उन्हें सत्ता पर अपना कब्जा छोड़ देना चाहिए और अति पिछड़े वर्ग के लोगों को बागडोर सौंप देनी चाहिए।
योगी की तर्ज पर बिहार
होगा सियासी गेम?
सम्राट चौधरी के इस बयान को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कथित 80 बनाम 20 के बयान से जोड़कर देखा जा रहा है। वैसे सर्वेक्षण के अनुसार राज्य की कुल आबादी 13.07 करोड़ में मुस्लिम आबादी 17.70 प्रतिशत है। कई राजद नेताओं का कहना है कि सर्वेक्षण के अनुसार 2011 की जनगणना के बाद से प्रतिशत के मामले में मुस्लिम आबादी में वृद्धि एक प्रतिशत से भी कम रही है। यह भाजपा के दावों के विपरीत है कि नेपाल और बांग्लादेश के साथ खुली सीमाओं वाले जिले अनियंत्रित घुसपैठ के कारण जनसांख्यिकीय परिवर्तन से गुजर रहे थे।
Editorial

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