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बॉम्बे हाई कोर्ट ने नांदेड़ और संभाजीनगर में हुई मौतों पर स्वतः लिया संज्ञान
By EditorialPublished on
बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने महाराष्ट्र (Maharashtra) के अस्पतालों (Hospital) में हुई मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया है। हाई कोर्ट ने इस पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है। बता दें कि नांदेड़ और संभाजीनगर (Nanded and Sambhajinagar के सरकारी अस्पतालों में बीते दिनों कई मरीजों की मौत हो गई थी। बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ से इस मामले पर जवाब मांगा है।

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मुंबई । बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने महाराष्ट्र (Maharashtra) के अस्पतालों (Hospital) में हुई मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया है। हाई कोर्ट ने इस पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है। बता दें कि नांदेड़ और संभाजीनगर (Nanded and Sambhajinagar के सरकारी अस्पतालों में बीते दिनों कई मरीजों की मौत हो गई थी। बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ से इस मामले पर जवाब मांगा है। खंडपीठ ने राज्य सरकार से स्वास्थ्य के लिए बजटीय आवंटन के बारे में विवरण देने को कहा है। समाचार एजेंसी ने बताया कि एक दिन पहले इस मामले में वकील मोहित खन्ना ने पीठ को एक पत्र सौंपा था। वकील ने कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेने का अनुरोध किया था। बता दें कि वकील खन्ना के अनुरोध पर पीठ ने पहले उन्हें कहा कि आप याचिका दायर कीजिए, जिस पर कोर्ट प्रभावी आदेश दायर कर सकें। हालांकि, बाद में पीठ ने कहा कि वह इस मामले पर स्वतः संज्ञान ले रही है। पीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर डॉक्टरों द्वारा दिए गए कारणों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। अस्पतालों में डॉक्टरों द्वारा बिस्तरों, कर्मचारियों और आवश्यक दवाओं की कमी का हवाला दिया गया था। वकील खन्ना ने अपने पत्र में 30 सितंबर से अगले 48 घंटों में नांदेड़ के डॉ शंकरराव चव्हाण सरकारी मेडिकल कॉलेज (Dr. Shankarrao Chavan Govt Medical College) और अस्पताल में 31 मौतों का जिक्र किया था। इसके अलावा छत्रपति संभाजीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दो से तीन अक्टूबर के बीच 18 मरीजों की मौत का भी उल्लेख किया गया था।

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