Pratahkal: Shops closed in Koparkhairane in protest against the action
मुंबई । कोपरखैरणे (Koparkhairane) में एक ओर मनपा (Municipal Corporation) द्वारा फेरीवालों को संरक्षण प्रदान किये जाने और दूसरी ओर दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई किये जाने के विरोध में रविवार को कोपरखैरणे इलाके में दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखकर मनपा प्रशासन के इस दोहरे और पक्षपाती रवैये का जमकर विरोध किया।
कोपरखैरणे सेक्टर 15 से 18 में सड़कों पर फेरीवालों ने अपना जैसे साम्राज्य स्थापित कर लिया है। मनपा द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर फेरीवालों के लिये मार्केट का निर्माण किया गया है। लेकिन फेरीवाले इस मार्केट में स्थानांतरित होने को तैयार नहीं है। आलम यह है कि फेरीवाले सड़क पर दोनों तरफ अपना माल लगादेते हैं। मनपा भी इन फेरीवालों पर कार्रवाई करने के बजाये दुकानदारों को ही अपनी कार्रवाई के निशाने पर ले रही है। स्थानीय दुकानदार मनपा पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगा रहे हैं। दुकानदारों का दुकान के बाहर लगा बोर्ड या अन्य कोई डिसप्ले या माल मनपाकर्मी तत्काल कार्रवाई करते हुये उठाकर ले जाते हैं लेकिन फेरीवालों की मनमानी पर कोई अंकुश नहीं लगाया जाता। मनपा के इसी रवैये के विरोध में कोपरखैरणे में गुलाब सन्स डेअरी से लेकर सेक्टर 18 के बाग तक के दुकानदारों ने एक दिन अपनी दुकानें बंद रखकर अपना विरोध जताया है।
दुकानदारों का आरोप है कि फेरीवालों के खिलाफ मनपा द्वारा कार्रवाई के नाम पर केवल लीपापोती की जाती है। मनपा की कार्रवाई के दौरान फेरीवाले कुछ घंटों के लिये हट जाते हैं और कार्रवाई के लिये आया मनपा का काफिला जाने के बाद फेरीवाले फिर से अपनी जगह पर लौट आते हैं। मनपा अधिकारी इनके खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं करती जबकि दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।
Editorial

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