pmch
उदयपुर (वि) । पेसिफिक मेडिकल कॉलेज (Pacific Medical College) के तत्वावधान में मेडिकल कॉलेज सभागार में सुसंस्कारित स्वास्थ्य सेवा 'आचार एवं व्यवहार' विषय पर परिसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी सदस्य, चिकित्सक एवं अन्य चिकित्सा कार्य से जुड़े 250 से अधिक प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति रही। प्रारंभ में सुसंस्कारित स्वास्थ्य सेवा मंच के राष्ट्रीय संयोजक जयंती भाई भाडेसिया ने कहा कि चिकित्सक एवं चिकित्सा से जुड़े लोगों को जीवन का लक्ष्य केवल अर्थ प्राप्ति न होकर सेवा भाव के साथ चिकित्सा कार्य में प्रवृत्त होकर अपने आचार एवं व्यवहार से रोगी की श्रेष्ठ भाव चिकित्सा करनी चाहिए। सुसंस्कारित स्वास्थ्य सेवा मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक सुहास राव हिरेमठ ने बीज वक्तव्य में कहा कि चिकित्सक को भारतीय जीवन मूल्यों के साथ चिकित्सा करनी चाहिए, देश में ऐसे अनेक स्थान है जहां पर स्वास्थ्य सेवा सुलभ नहीं है भारतवर्ष में अनेक चिकित्सा संस्थान कार्यशील है उनका उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना एवं अर्थ ही लक्ष्य प्राप्ति न होकर सेवा कार्य प्रधान होना चाहिए । एलोपैथिक चिकित्सक को चिकित्सा कार्य में अहंकार ना हो सेवा भाव प्रधान होना चाहिए। राजस्थान
(rajasthan)
क्षेत्र के संघ चालक एवं आधुनिक चिकित्सा पद्धति के विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र अग्रवाल (Dr. Ramesh Chandra Agarwal) ने कहा कि एलोपैथी चिकित्सा पद्धति में आहार विहार की प्राथमिकता नहीं बताई गई है इसलिए आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में बताए गए आहार बिहार दिनचर्या ऋतुचार्य का पालन का सिद्धांत युवा चिकित्सक पीढ़ी को एवं समाज में भी इस प्रकार का संदेश दिया जाना चाहिए जिस व्यक्ति निरोगी रह सके। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज के संस्थापक भोलाराम अग्रवाल ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत उद्बोधन करते हुए कहा कि पेसिफिक मेडिकल कॉलेज निर्धन, अनाथ, गरीब लोगों की सेवा का एक संस्थान है जो सुसंस्कारित स्वास्थ्य सेवा मंच की भावनाओं के अनुसार कार्य कर रहा है। संस्था के चैयरमैन राहुल अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह भैया जी जोशी ने कहा कि चिकित्सा से जुड़े लोगों का भाव वैदिक मंत्र के अनुसार स्वर्ग, राज्य, मोक्ष की कामना न होकर दुख से संतप्त प्राणियों का कष्ट समाप्त हो ऐसा भाव मन में होना चाहिए । जोशी ने कहा कि भारतवर्ष में चिकित्सा सुविधाएं पर्याप्त एवं समुन्नत है । लेकिन सुविधाओं के साथ साथ स्वास्थ्य पूर्ण जीवन हेतु जागरण की आवश्यकता है। चिकित्सा व्यवसाय प्रधान न होकर सेवा प्रधान होनी चाहिए। पूर्व कुलपति भगवती प्रकाश शर्मा का आभार व्यक्त किया। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज के कुलपति प्रोफेसर ए पी गुप्ता ने भी अपने विचार साझा किए। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एम. एम. मंगल ने सभी विषयों में सहानुभूति को प्रमुख बताया ।
Editorial

Editorial

Next Story