ashok gehlot
(कार्यालय संवाददाता) जयपुर। उपराष्ट्रपति बनने के बाद जब पहली बार धनखड़ राजस्थान (Rajasthan) आए थे तो गहलोत (Gehlot) ने विधानसभा (Assembly) में उनका स्वागत किया था और दोनों ने 50 साल का रिश्ता बताकर एक-दूसरे की खूब तारीफ की थी। प्रोटोकॉल कहता है कि उपराष्ट्रपति यदि राज्य में आए तो यह जरूरी है कि वहां के राज्यपाल और मुख्यमंत्री उनकी अगवानी करें, लेकिन राजस्थान की राजनीति में ऐसा पहली बार हुआ है, जब मुख्यमंत्री ने ही उप राष्ट्रपति के दौरों पर सवाल खड़े कर दिए हों। सीएम गहलोत ने खुद अपने बयान में चुनाव का जिक्र कर यह जाहिर कर दिया है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के लगातार राजस्थान दौरे से उपजी उनकी चिंता चुनावी है। धनखड़ पिछले 9 महीने में 10 बार राजस्थान आ चुके हैं। पिछली दफा सितंबर महीने में ही उनका चौथा राजस्थान दौरा था। उपराष्ट्रपति के जिन जिलों में अब तक दौरे हुए हैं, वहां की 83 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 21 सीटें भाजपा के पास हैं।
पहले जमकर तारीफ, अब दौरों पर सवाल
जगदीप धनखड़ जब उपराष्ट्रपति बने थे तो उनका अभिनंदन समारोह विधानसभा में रखा गया था। उस समय सीएम अशोक गहलोत और उपराष्ट्रपति ने एक दूसरे की जमकर तारीफ की थी। समारोह में बोलते हुए गहलोत ने उपराष्ट्रपति धनखड़ से कहा- 50 साल से मेरा आपसे रिश्ता है। लेकिन अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनके दौरों पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि बार-बार राजस्थान का दौरा करने का मकसद क्या है?
उपराष्ट्रपति के 10 दौरे और 28 कार्यक्रम
उपराष्ट्रपति का इस साल 9 महीने में 10 चार राजस्थान आना हुआ। उन्होंने 28 कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उनमें सबसे ज्यादा 16 दौरे स्कूल, यूनिवर्सिटी और रिसर्च सेंटर्स के बुलावे पर किए। उनके 6 कार्यक्रम धार्मिक स्थलों से जुड़े थे।
दो बार राजस्थान विधानसभा के निमंत्रण पर आए
उपराष्ट्रपति 11 जनवरी को जयपुर में पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में और 22 अगस्त को उदयपुर में कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री यूनियन के सम्मेलन में विधानसभा के निमंत्रण पर आए।
उपराष्ट्रपति ने जिन जिलों के दौरे किए यहां 83 विधानसभा सीटें 51 पर कांग्रेस, 21 पर भाजपा मुख्यमंत्री ने अपने बयान में उपराष्ट्रपति के दौरों पर टिप्पणी तो की लेकिन खुलकर यह भी नहीं कहा कि उन्हें किस बात पर आपत्ति है। हमने उपराष्ट्रपति के उन 10 जिलों की सभी 83 सीटें खंगाली, जहां वे दौरे पर गए। इनमें से 21 सीटों पर भाजपा के विधायक हैं। जबकि 51 पर कांग्रेस के विधायक हैं।
27 सितंबर को मुख्यमंत्री गहलोत ने दिया था यह बयान
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 27 सितंबर को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में मिशन 2030 के लिए जनसंवाद कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के लगातार राजस्थान दौरों पर सवाल उठाए। गहलोत ने कहा था- पहले प्रधानमंत्री आए और अब उपराष्ट्रपति अप-डाउन कर रहे हैं। उपराष्ट्रपति अगर राष्ट्रपति बनेंगे तो भी हम स्वागत करेंगे, लेकिन अभी मेहरबानी रखें। बार-बार सुबह-शाम आ रहे हैं। दौरे कर रहे हैं। इसका कोई तुक नहीं है। क्या तुक है। चुनाव चल रहे हैं राजस्थान में। आप बार-बार आएंगे तो लोग क्या समझेंगे। आप चाहते क्या हो? यह संवैधानिक संस्थाएं हैं। उनका मान-सम्मान रहना चाहिए। चाहे कोई सरकार हो।
Editorial

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