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सिंघवी का आखिरी निर्णय 30 अक्टूबर को
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शहर विधानसभा में भाजपा (BJP) के टिकट को लेकर चल रहे विवाद के बीच में उप महापौर पारस सिंघवी (Paras Singhvi) अपने समर्थकों के साथ बैठक कर 30 अक्टूबर को अंतिम निर्णय लेने का तय किया है। 30 अक्टूबर को होने वाली बैठक में उप महापौर यह विधानासभा चुनाव लडेंगे या नहीं इस पर आखिरी निर्णय करेंगे।

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उदयपुर. नगर संवाददाता | शहर विधानसभा में भाजपा (BJP) के टिकट को लेकर चल रहे विवाद के बीच में उप महापौर पारस सिंघवी (Paras Singhvi) अपने समर्थकों के साथ बैठक कर 30 अक्टूबर को अंतिम निर्णय लेने का तय किया है। 30 अक्टूबर को होने वाली बैठक में उप महापौर यह विधानासभा चुनाव लडेंगे या नहीं इस पर आखिरी निर्णय करेंगे। शहर विधानसभा से भाजपा द्वारा ताराचंद जैन को अपना प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से ही उप महापौर पारस सिंघवी ने जमकर विरोध किया। सिंघवी ने लगातार दो दिन तक जमकर विरोध किया और केन्द्रीय नेतृत्व से ताराचंद जैन का टिकट बदलने की मांग की। इसके साथ ही सोमवार को पारस सिंघवी ने स्वभिमान रैली निकाली थी, जिसमें उनके समर्थकों ने भाग लिया था। बुधवार को उप महापौर पारस सिंघवी और उनके समर्थकों ने एक गुप्त बैठक की। इस बैठक में विधानसभा चुनावों को लेकर रणनीति तय की। बैठक में तय किया गया कि आने वाले 30 अक्टूबर को पारस सिंघवी के सैंकड़ों समर्थक एक बैठक का आयोजन करेंगे। इस बैठक में ही तया किया जाएगा कि पारस सिंघवी को आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना है या नहीं।
कटारिया क्यूं फोन करेंगे
इधर उप महापौर पारस सिंघवी से जब इस बारे मे बता की तो उन्होंने स्पष्ट रूप से असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया का फोन आने से इंकार कर दिया। सिंघवी का कहना है कि कटारिया संवैधानिक पद पर है और कटारिया उन्हें क्यूं फोन करेंगे। सिंघवी ने माना कि उनके पास लगातार संगठन के नेताओं के फोन आ रहे है, जिनके सामने सिंघवी ने अपना पक्ष रखा है।

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