Pratahkal:Bank defrauded of Rs 18 lakh by sending Fake email in the name of jewelery store
मुंबई । फर्जी ईमेल (Fake email) भेजकर बैंक से ऑनलाइन ठगी के आरोप में पुलिस ने बिहार और यूपी के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक को-ऑपरेटिव बैंक को उसके ग्राहक जूलरी शॉप के फर्जी ईमेल आईडी के जरिये दो खातों में 18 लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा था। बाद में जब जूलरी शॉप ने बैंक से इस ट्रांसफर के बारे में पूछताछ की तो इस ऑनलाइन ठगी का खुलासा हुआ।
मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के नाम योगेश शर्मा (27), आदर्श सिंह और उमेश गुप्ता (26) है। योगेश शर्मा एक ऑटो ड्राइवर है जबकि आदर्श सिंह पहले एक स्टोर में सिक्युरिटी एग्जिक्युटिव के तौर पर काम करता था। दोनों बिहार के रहनेवाले हैं। उमेश गुप्ता यूपी का रहनेवाला है और मजदूरी का काम करता है।
पुलिस के मुताबिक, गुप्ता के खाते में 9.5 लाख और शर्मा के खाते में 8.5 लाख रुपये ट्रांसफर हुये थे। इस ठगीकांड के मुख्य कर्ताधर्ताओं के लिये सिंह काम करता है। सिंह ने बिहार से कुछ मजदूरों को काम के लिये राजस्थान पहुंचाया था। इन मजदूरों ने यहां कुछ अरसा काम किया था। उन मजदूरों के नये पते का इस्तेमाल करते हुये सिंह ने उनके लिये बैंक खाते खोले। मजदूरों को नये सिम कार्ड और बैंक खाते खोलने के लिये दस्तावेज जमा करने थे और इसके लिये सिंह ने हर मजदूर को 15 हजार रुपये दिये थे। खाते खोलने के बाद सिंह सिम कार्ड और बैंक के दस्तावेज अपने पास ही रख लेता था और फिर इन्हें गैंग के अन्य मेंबर्स को पहुंचा देता था। इन्हीं के बैंक खातों का इस्तेमाल इस तरह से ऑनलाइन ठगी के लिये किया जाता था।
ताजा मामले में शहर के एक जूलरी शॉप द्वारा अपने बैंक को अक्सर ईमेल भेजकर रकम ट्रांसफर के लिये निर्देशित किया जाता था। 14 जून को बैंक मैनेजर को इसी तरह का एक ईमेल मिला था जिसका ईमेल आईडी ओरिजिनल ईमेल आईडी के मिलता जुलता ही था। मेल में बैंक को 18 लाख रुपये की रकम जूलरी शॉप के खाते से दो अन्य खातों में ट्रांसफर करने हेतु अनुरोध किया गया था। चूंकि इस तरह से अक्सर जूलरी शॉप बैंक मैनेजर को ईमेल भेजकर रकम ट्रांसफर के लिये पहले भी कहती रही है, लिहाजा बैंक मैनेजर ने बिना शक रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में जूलरी शॉप द्वारा एतराज जताने पर ठगी की शिकायत साइबर पुलिस में की गई।
Editorial

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