Pratahkal:Terapanth Organization of Advocates and Doctors Conference
मुंबई । तेरापंथ (Terapanth) प्रोफेशनल फोरम द्वारा आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) के सानिध्य में एडवोकेट्स एंड डॉक्टर्स कांफ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें देश भर से प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के आर श्रीराम, वरिष्ठ वकील एम एस फेडरल, युवराज पी. नावरेकर, पंकज बाफना की उपस्थिति रही।
मुख्य प्रवचन में आचार्य महाश्रमण ने कहा कि इस दुनिया में सिर्फ दो ही तत्व है एक जीव व दूसरा अजीव। जितनी भी वस्तुएं, पदार्थ दिखाई दे रहे हैं सभी इन दो तत्वों में समाविष्ट हो जाते है। जीव का कोई प्रारम्भ बिन्दु नही होता, वह अनंत काल से है और अनंत काल तक रहेगा। आत्माएं दो प्रकार की होती है - सिद्ध व संसारी। सिद्ध वे जो जन्म मरण की परम्परा से मुक्त हो गये। जिनके न मन, न वाणी और न शरीर होता है। ऐसी अनंत आत्माएं हैं जो मोक्ष को प्राप्त कर चुकी है। उन्होंने आगे बताया कि मनुष्य के अतिरिक्त किसी जन्म से मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती। देवों को भी यदि मोक्ष जाना है तो मनुष्य जन्म लेना पड़ेगा।
इस अवसर तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनीष कोठारी, मुम्बई अध्यक्ष राज सिंघवी, मंत्री कमल मेहता, कमलेश नाहर, कपिल सिसोदिया आदि सक्रिय रहे। राकेश बोहरा ने विचार रखे। संचालन राज सिंघवी ने किया।
Editorial

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