Corruption Scandal Udaipur Engineer Arrested
उदयपुर. नगर संवाददाता | भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों (Anti corruption bureaus) की स्पेशल यूनिट (Special unit) ने गुरूवार को बिलों को पास करने के एवज में 50 हजार रूपए (50 thousand rupees) की रिश्वत मांगते हुए नगर निगम के अधिशाषी अभियंता (Executive Engineer) को गिरफ्तार किया है। इस अभियंता का जयपुर (Jaipur) तबादला हो गया था पर यह अभी भी यहीं पर कार्यरत था ।
मामले में अन्य की भूमिका की जांच की जा रही है। साथ ही एक्सईएन के घर व अन्य ठिकानों पर भी तलाशी की जा रही है। उपनिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने बताया कि एसीबी की स्पेशल यूनिट में एक परिवादी ने आकर शिकायत दी कि उसकी फर्म नगर निगम उदयपुर में विभिन्न उद्यानों के संधारण एवं रखरखाव कार्यों के बकाया बिलों के भुगतान में कमीशन की एवज में अधिशाषी अभियंता अवैस मोहम्मद उससे 50 हजार रूपए मांग रहा था और पैसा नहीं देने पर बिलों पर साईन करने से इंकार कर रहा था। इस पर परिवादी ने इस बारे में निगम में शिकायत दी। शिकायत मिलने पर एएसपी उमेश ओझा के नेतृत्व में इस शिकायत का सत्यापन करवाया।
शिकायत का सत्यापन होने पर नहीं था और किसी न किसी तरह से यहीं काम ट्रेप का आयोजन किया गया। एएसपी ओझा के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक रतन सिंह की एक टीम को निगम भेजा गया, जहां पर अधिशाषी अभियंता अवैस मोहम्मद ने अपने कार्यालय में ही परिवादी से रिश्वत का पैसा ले लिया। जैसे ही अभियंता ने पैसा लिया तो परिवादी ने ब्यूरों को ईशारा कर दिया। इस पर ब्यूरों की मौके पर ही अधिशाषी अभियंता अवैस मोहम्मद पुत्र साबिर मोहम्मद निवासी मुखर्जी चौक सब्जी मण्डी को पकड़ लिया और इसके पास से रिश्वत की 50 हजार रूपए की नकदी बरामद कर ली। बाद इसे ब्यूरों कार्यालय ले जाया गया।
तबादला होने के बाद भी यहीं रूका था।
विभागीय जानकारी के अनुसार अवैस मोहम्मद को अगस्त में ही प्रमोशन हुआ था और वह पदोन्नत होकर एक्सईएन बन गया था। प्रमोशन के बाद पिछले दिनों इसका जयपुर आरयूडीआईपी में तबादला हो गया था और यहां किसी अन्य एक्सईएन की पोस्टिंग की गई थी। लेकिन इसके बावजूद अवैस मोहम्मद यहां से जाने को तैयार नहीं था और किसी न किसी तरह से यहीं काम कर रहा था।
बिना किसी डर के मांग रहा था रिश्वत
आरोपी अवैस मोहम्मद का रिश्वत मांगने का तरीका बिलकुल ही अनूठा था और यह फोन पर ठेकेदारों से रिश्वत की राशी ऐसे मांगता था कि मानों वह उधार मांग रहा था। फोन पर रिश्वत का सत्यापन करवाने के दौरान भी वह ऐसे ही बात कर रहा था, जिससे सत्यापन भी आसानी हो गया। आरोपी अवैस मोहम्मद ने रिश्वत लेकर परिवादी को अपने चैम्बर में ही बुला लिया, जहां पर जैसे ही पैसा लिया तो इसे दबोच लिया ।
अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच
जानकारी के अनुसार अवैस मोहम्मद वर्तमान में निगम की उद्यान शाखा में पोस्टेड़ था और शहर में निगम के विभिन्न उद्यानों में होने वाला काम भी यहीं देखता था। शहर 70 वार्डों में कई उद्यानों मे काम चल रहा था तो कहीं पर रख रखाव का काम भी ठेके पर ही दे रखा था। ऐसे में अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही थी। साथ ही जैसे ही अधिकारियों को पता चला कि अवैस मोहम्मद ट्रेप हो गया है तो वे धीरे-धीरे खिसक लिए।
Editorial

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