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मराठा आरक्षण आंदोलन के एक कार्यकर्ता ने की आत्महत्या
By EditorialPublished on
महाराष्ट्र (Maharashtra) में पिछले कई दिनों से चल रहा मराठा आरक्षण (Maratha Reservation) आंदोलन अब विकराल रूप धारण करता हुआ नजर आ रहा है। दरअसल जालना से मराठा आंदोलन के लिए मुंबई आये एक कार्यकर्ता ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस को उसके बैग से सुसाइड नोट मिला। मृतक का नाम सुनील बाबुराव कावले बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मृतक ने बीकेसी कनेक्टर, बांद्रा रेल्वे ब्रिज, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर रस्सी की मदद से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।

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मुंबई । महाराष्ट्र (Maharashtra) में पिछले कई दिनों से चल रहा मराठा आरक्षण (Maratha Reservation) आंदोलन अब विकराल रूप धारण करता हुआ नजर आ रहा है। दरअसल जालना से मराठा आंदोलन के लिए मुंबई आये एक कार्यकर्ता ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस को उसके बैग से सुसाइड नोट मिला। मृतक का नाम सुनील बाबुराव कावले बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मृतक ने बीकेसी कनेक्टर, बांद्रा रेल्वे ब्रिज, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर रस्सी की मदद से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने बताया कि सुनील चिकनगाव, अंबड, ज़िला जालना का रहने वाला है। पुलिस को उसके पास से एक मोबाइल फ़ोन और सुसाइड नोट मिला है। सूत्रों ने बताया की उसने सुसाइड नोट में लिखा, “मराठा आरक्षण के लिए होने वाले आंदोलन के लिए 24 अक्टूबर को मराठा समाज के लोग मुंबई में इकट्ठा हों” सुसाइड नोट के आख़िर में उसने माफ़ी भी मांगी है। इस मामले में खेरवाड़ी पुलिस ने ADR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, सुनील का शव सायन अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं इससे पहले वहीं मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने शनिवार 14 अक्टूबर को जालना जिले में एक रैली का आयोजन करते हुए शिंदे सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया था। इस रैली में उन्होंने ऐलान किया था कि 10 दिन बाद या तो विजय जुलूस निकलेगा या फिर मेरी अंतिम यात्रा निकलेगी। अब एक आंदोलनकर्ता के द्वारा की गई आत्महत्या ने हलचल तेज कर दी है।

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