जयपुर (कास)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) ने कहा कि राज्य सरकार (State Government) के फैसलों से राजस्थान पर्यटन (Rajasthan Tourism) सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। राज्य में हुए ऐतिहासिक कार्यों (Historical work) की पूरे देश में चर्चा हो रही है और अन्य राज्य इनका अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय के साथ ही हैप्पीनेस इंडेक्स (Happiness Index) में वृद्धि हो और प्रदेश प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बने इसके लिए राज्य सरकार द्वारा मिशन 2030 (Mission 2030) के तहत

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जयपुर (कास)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) ने कहा कि राज्य सरकार (State Government) के फैसलों से राजस्थान पर्यटन (Rajasthan Tourism) सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। राज्य में हुए ऐतिहासिक कार्यों (Historical work) की पूरे देश में चर्चा हो रही है और अन्य राज्य इनका अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय के साथ ही हैप्पीनेस इंडेक्स (Happiness Index) में वृद्धि हो और प्रदेश प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बने इसके लिए राज्य सरकार द्वारा मिशन 2030 (Mission 2030) के तहत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है। इसके माध्यम से वर्ष 2030 तक राजस्थान (Rajasthan)
को देश का सिरमौर राज्य बनाना हमारा संकल्प है। प्रदेश के लोगों में विकास के लिए जज्बा नजर आ रहा है और अब तक करीब 2.50 करोड़ लोग इसके लिए अपने सुझाव दे चुके हैं। आगामी 5 अक्टूबर को इस विजन डॉक्यूमेंट को जारी किया जाएगा। गहलोत रविवार को जवाहर कला केन्द्र में आयोजित पर्यटन क्षेत्र (Tourism Sector) से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राजस्थान धरोहर संग्रहालय के प्रथम चरण के लोकार्पण सहित पर्यटन तथा कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग के लगभग 110 करोड़ रुपये के 25 कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया। पर्यटन क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। इससे बड़े स्तर पर रोजगार सृजित होता है तथा इससे प्राप्त होने वाली आय से राज्य के विकास को गति मिलती है। हितधारकों द्वारा राज्य को 2030 तक अग्रणी प्रदेश बनाने के लिए दिए गए सुझाव बेहद महत्वपूर्ण हैं ।
हर वर्ग को मिली राहत
गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार के निर्णयों से हर वर्ग को राहत मिली है। हर घर में बचत हो, इसे ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए 100 यूनिट तथा कृषि उपभोक्ताओं के लिए 2000 यूनिट तक बिजली नि:शुल्क की गई है। वहीं, गैस सिलेंडर महज 500 रुपये में उपलब्ध करवाया जा रहा है। राज्य में 93 प्रतिशत से अधिक लोग मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़ चुके हैं। लगभग 1 करोड़ लोगों को न्यूनतम 1000 रुपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। राज्य सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए पुरानी पेंशन बहाली का निर्णय किया। लगभग 3 लाख युवाओं को नौकरियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान कॉन्ट्रेक्नुअल हायरिंग रूल्स बनाकर संविदाकर्मियों का नियमितिकरण किया जा रहा है। राज्य में ठेका प्रथा खत्म हो इसके लिए रेक्सको की तर्ज पर कम्पनी बनाई जाएगी। गिग वर्कर्स के कल्याण के लिए कानून बनाने के साथ ही 200 करोड़ रुपये का कोष गठित किया गया है। ऐसा करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है। इसी प्रकार, स्वास्थ्य का अधिकार कानून एवं 25 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा भी देश में अन्यत्र कहीं नहीं है।
तीव्र गति से हुआ विकास
मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि आर्थिक विकास (Economic Development) में राज्य उत्तर भारत (State North India) में नम्बर वन और देश में दूसरे स्थान पर है। विगत 5 वर्षों में राज्य की जीडीपी 6 लाख करोड़ रुपये बढ़ी है और इस वित्तीय वर्ष के अंत तक यह 15 लाख करोड़ की हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक इसे 30 लाख करोड़ से अधिक तक ले जाने का हमारा लक्ष्य है। राज्य में बेहतर माहौल की वजह से निवेशक यहां आना पसंद कर रहे हैं।
वर्तमान में राज्य में लगभग सभी प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाएं (Educational Institutions) मौजूद हैं। विश्वविद्यालयों की संख्या भी बढ़कर 90 से अधिक हो चुकी है। प्रदेश में लगभग 1.50 लाख किलोमीटर लम्बाई की सड़कें बन रही हैं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों ने इस अवसर पर पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे राज्य में पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाईयां मिली हैं।
पर्यटन क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक निर्णय
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार समर्पित भाव से निरंतर कार्य कर रही है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा दूरगामी सोच के साथ कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा देना एक बहुत बड़ा कदम है। इससे पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ा है। साथ ही, इस इंडस्ट्री से जुड़ी इकाइयों के लिए अरबन टैक्स 80 प्रतिशत एवं विद्युत शुल्क 30 प्रतिशत कम हो गया है। राज्य सरकार ने पर्यटन विकास कोष की राशि बढ़ाकर 1500 करोड़ रुपये कर दी है। इसमें आने वाले वक्त में और वृद्धि की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन के नये-नये क्षेत्र विकसित हो रहे हैं। सवाई मानसिंह टाउन हॉल में स्थापित राजस्थान धरोहर संग्रहालय राज्य के पर्यटन क्षेत्र में 'और नई कड़ी है। कोटा में चम्बल रिवर फ्रंट और ऑक्सीजोन पार्क का ऐतिहासिक कार्य हुआ है। इससे बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक हाड़ौती क्षेत्र में आएंगे।
Editorial

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