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गोल्ड स्मगलिंग रैकेट का भंडाफोड
By EditorialPublished on
एक बड़ी कार्रवाई के तहत राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने 18.95 करोड़ रुपये के एक अंतर-राज्यीय गोल्ड स्मगलिंग (Gold Smuggling) रैकेट का भंडाफोड किया है। 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जो मुंबई, वाराणसी और नागपुर (Mumbai, Varanasi and Nagpur) से यह गोल्ड स्मगलिंग रैकेट चला रहे थे। डीआरआई अधिकारियों ने पांच आरोपियों को मुंबई से जबकि छह आरोपियों को नागपुर और वाराणसी से गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 31.64 किलोग्राम सोना भी बरामद किया है।

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मुंबई । एक बड़ी कार्रवाई के तहत राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने 18.95 करोड़ रुपये के एक अंतर-राज्यीय गोल्ड स्मगलिंग (Gold Smuggling) रैकेट का भंडाफोड किया है। 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जो मुंबई, वाराणसी और नागपुर (Mumbai, Varanasi and Nagpur) से यह गोल्ड स्मगलिंग रैकेट चला रहे थे। डीआरआई अधिकारियों ने पांच आरोपियों को मुंबई से जबकि छह आरोपियों को नागपुर और वाराणसी से गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 31.64 किलोग्राम सोना भी बरामद किया है।
डीआरआई के मुताबिक आरोपी बांगलादेश से सस्ती कीमत पर सोना लेकर तस्करी के जरिये यहां भारत लाकर जूलर्स को बेचते थे। डीआरआई को खुफिया जानकारी मिली थी कि गिरोह के सदस्य जुहू में एक एटीएम सेंटर के यहां आनेवाले हैं। अधिकारियों ने जाल बिछाकर मौके से अरूण पुजारी, नितेश गोराड, किरन मंडाले, तुषार जाधव और रोहित वाघमारे को गिरफ्तार किया है। पुजारी के पास 4.9 किलोग्राम गोल्ड जबकि गोराड से 12 लाख रुपये नकदी बरामद हुये हैं।
पूछताछ के दौरान पुजारी ने बताया कि इस गोल्ड स्मगलिंग रैकेट का सरगना और मास्टर माइंड राहुल जावीर है जो सांगली का रहनेवाला है। जावीर पुजारी की तरह कई लोगों को गोल्ड स्मगलिंग के लिये बतौर कैरिअर इस्तेमाल करता था। पुजारी के मुताबिक, मंडाले, जाधव और वाघमारे भी जावीर के लिये काम करते थे और उन्होंने ही शहर में गोल्ड की डिलीवरी की थी। डीआरआई के मुताबिक, बांगलादेश से गोल्ड के बार उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन के पास लाये गये थे। यहां से ट्रेन के जरिये मुंबई में इस गोल्ड की तस्करी की गई थी। आरोपियों ने जानबूझकर रिजर्वेशन टिकट पर सफर ना करते हुये चालू डिब्बे से यात्रा की ताकि वे जांच से बच सकें।
पुजारी ने बताया कि गिरोह अक्सर इसी तरह से गोल्ड की तस्करी को अंजाम दिया करता था। आरोपी मुंबई से पहले नाशिक में ही ट्रेन से उतर जाया करते थे। इसके बाद सड़क रास्ते से वे मुंबई पहुंचते थे। यह सारी प्लानिंग जावीर की हुआ करती थी। पुजारी के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय भी तीनों आरोपी जावीर के निर्देशों के अनुसार ही गोल्ड की डिलीवरी देने के लिये इकट्ठा हुये थे। डीआरआई ने पुजारी की निशानदेही पर वाराणसी से जावीर को गिरफ्तार किया। वहां उसके साथ ही दीपक मोरे नामक आरोपी भी गिरफ्तार हुआ है। उनसे करीब 13.6 किलोग्राम गोल्ड बरामद किया गया। इसके अलावा अन्य दो आरोपी बालासो मगर और भूपेश कोहाड भी गिरफ्तार हुये हैं। इसी तरह राहुल जाधव और जयदेव कुहाड को धर दबोचा गया।
डीआरआई का दावा है कि जावीर और उसके गुर्गे बांगलादेश से गोल्ड की तस्करी कर यहां जूलर्स को बेचते थे। इस बार भी गोल्ड का एक हिस्सा नागपुर में सागर ज्वेलर्स को डिलीवरी किया जाना था। सागर ज्वेलर्स के जूलर पुरषोत्तम कावले को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी 11 आरोपियों को कस्टम एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने सभी आरोपियों को दो दिन की डीआरआई कस्टडी में भेज दिया है।

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