Pratahkal:Double line operational between Dhupdhra - Bamunigaon Railway stations



मालीगांव । पू. सी. सर्किल के रेलवे (Railway) संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) शुभमय मित्रा ने 17 अक्तूबर को धुपधरा - बामुणीगांव स्टेशनों के बीच बिछाई गई नई दोहरीलाइन का वैधानिक निरीक्षण किया। बिछाई गई यह नई द्वितीय लाइन इस मार्ग से अधिक मालगाड़ी और यात्री यातायात के लिए मददगार होगी।
धुपधरा - बामुणीगांव का यह सेक्शन न्यू बंगाईगांव - कामाख्या वाया गोवालपारा 176 कि.मी. दोहरीकरण परियोजना का एक हिस्सा है। निरीक्षण हुए इस नये सेक्शन में 08 बड़े पुल, 80 छोटे पुल, 42 क्रॉसिंग बॉडिज और एबस़ोल्यूट ब्लॉक सिग्नलिंग वर्किंग सिस्टम का निर्माण शामिल है। चार रेलवे स्टेशनों धुपधरा, शिंगरा, बोको और बामुणीगांव में नये स्टेशन भवनों का निर्माण किया गया। आगमन और प्रस्थान होने वाली ट्रेनों के बेहतर संचालन के लिए इन चार रेलवे स्टेशनों पर एक-एक नया प्लेटफॉर्म भी बनाया गया। साथ ही, इस निर्दिष्ट सेक्शन पर कर्मचारियों के उत्तम आवास के लिए 42 नए रेलवे क्वार्टरों का निर्माण किया गया। धुपधरा से बामुणीगांव के बीच की दूरी 25.459 कि.मी. है। पू. सी. सर्किल के रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने सभी पुलों, आरयूबी और सिग्नलिंग सिस्टम के निरीक्षण के माध्यम से सेक्शन का स्पीड ट्रॉयल किया। इस दोहरीलाइन क्षेत्र के लिए आधुनिक तकनीकों जैसे सभी वाइड बेस प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (पीएससी) स्लीपर्स और थिक वेब स्विच के साथ मजबूत ट्रैक संरचना का उपयोग किया गया है, जो प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट स्लीपरों पर मजबूत स्विच का नया डिजाइन है और उच्च गति को संभाल सकता है।
उल्लेखनीय है कि दोहरीलाइन बिछाये जाने से स्टेशनों पर बिना स्टॉप-ओवर क्रॉसिंग के दोनों दिशाओं से ट्रेनों (यात्री एवं माल) की आवाजाही हो सकेगी, जिससे ट्रेनों के समय पालन में बढ़ोतरी होगी तथा अधिकाधिक ट्रेनों को बढ़ी हुई गति से चलाया जा सकेगा। अधिक ट्रेनों को बढ़ी हुई गति के साथ परिचालित किया जा सकेगा, जिससे न्यूनतम समय सीमा के साथ बेहतर कनेक्टिविटी सक्षम होगी।
इससे पहले 3 मई को 11.35 कि.मी. मिर्जा-आजरा सेक्शन और 24 नवंबर 2022 को 29.71 कि.मी. दुधनई - धुपधरा सेक्शन को चालू किया गया था। न्यू बंगाईगांव - कामाख्या वाया गोवालपारा, संपूर्ण सेक्शन के पूर्ण होने पर पूर्वोत्तर कनेक्टिविटी को देश के बाकी हिस्सों के साथ लोगों और सामग्री दोनों के परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा। वाया गोवालपाड़ा न्यू बंगाईगांव और कामाख्या के बीच इस दोहरी लाइन परियोजना के पूरा होने से मेघालय के दूर-दराज के इलाकों को भी अत्यधिक लाभ होगा।
Editorial

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