Congress ticket distribution Rajasthan
नई दिल्ली (एजेंसी)। मौजूदा पांच राज्यों के चुनाव (Election) के मद्देनजर कांग्रेस (Congress) चार राज्यों में अपने उम्मीदवारों की लिस्ट का ऐलान कर चुकी है। राजस्थान (Rajasthan) जहां कांग्रेस सत्ता वापसी के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है, वहां को लेकर कांग्रेस ने अभी तक टिकटों का ऐलान नहीं किया है। राजस्थान को लेकर कांग्रेस फूंक- फूंक कर कदम रख रही है। इसके लिए कांग्रेस ने तय किया है कि वह न सिर्फ जिताऊ उम्मीदवारों पर दांव लगाएगी, बल्कि जिनके खिलाफ जमीन पर पॉजिटिव फीडबैक नहीं है, उन्हें लेकर पार्टी कोई कड़ा फैसला करने में भी नहीं चूकेगी।
टिकटों को लेकर कांग्रेस में मंथन
सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान को लेकर पार्टी में 15- 25 विधायकों के टिकट कटने की चर्चा है। दूसरी ओर मंत्रियों पर भी गाज गिर सकती है। दरअसल, पार्टी इस नतीजे पर अभी तक हुए विभिन्न सर्वे के फीडबैक के आधार पर पहुंची है। पार्टी राजस्थान में हर पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा को बदलना चाहत है। इसके लिए हर कदम बेहद सोच समझ कर उठा रही है।
कांग्रेस ने कराए 5 सर्वे
अभी तक राजस्थान को लेकर कांग्रेस में कुल पांच सर्वे हुए हैं। इनमें से तीन सर्वे सीएम अशोक गहलोत और, सांग्रेस की ओर से और एक सर्वे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के इशारे पर चुनाव रणनीतिकार सुनील कानुगोलू द्वारा कराया गया। बताया जाता है कि ये सर्वे सरकार के मंत्रियों और विधायकों के कामकाज, नेताओं की इमेज, सरकार की कार्यप्रणाली, सरकार की नीतियां, सरकारी योजनाओं का जमीन पर प्रभाव और कार्यकर्ताओं के फीडबैक के आधार पर किए गए।
सर्वे के फीडबैक से पार्टी देगी टिकट
इन सर्वे से निकले फीडबैक के आधार पर पार्टी खराब छवि वाले चेहरों से निजात पाने की योजना बना रही है। दरअसल, पार्टी गहलोत के नाम और काम पर चुनाव में जाना चाह रही है। पार्टी मान रही है कि सीएम अशोक गहलोत के खिलाफ जमीन पर एंटी इनकंबेंसी नहीं है। ऐसे में पार्टी ने उन चेहरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है, जिनके खिलाफ लोगों में नाराजगी है। पार्टी की योजना है कि इस बार नए और युवा चेहरों को मौका दिया जाए, ताकि सरकार के खिलाफ नाराजगी को कम किया जा सके।
केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक पर नजर
राजस्थान के टिकट को लेकर आगामी बुधवार को कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक है, जिसमें टिकटों पर अंतिम मुहर लगेगी। सूत्रों के मुताबिक, टिकट फाइनल होने के बाद उम्मीदवारी का ऐलान दशहरा के आसपास हो सकता है। दरअसल, राजस्थान में कांग्रेस बहुत जल्द टिकटों की उम्मीदवारी का ऐलान किए जाने के पक्ष में नहीं है। इसके पीछे वजह बताई जा रही है कि असंतुष्टों को अपनी नाराजगी लाने का ज्यादा वक्त न मिले। पार्टी के एक अहम रणनीतिकार का कहना था कि अगर उम्मीदवारी काफी पहले हो जाती है तो पार्टी और उम्मीदवार का मैनेज करने में लग जाती है। इसके अलावा, असंतुष्ट के समय और ऊर्जा रूठों को मनाने और असंतुष्टों को निर्दलीय या दूसरे दलों से टिकट लेकर चुनावी मैदान में उतरकर कांग्रेस का खेल खराब कर सकते हैं।
Editorial

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