Pratahkal:Organization of memorial meeting of Sadhvi Pavanpragya
मुंबई । सोमवार को नंदनवन (Nandanvan) में आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) के सान्निध्य में साध्वी पावनप्रज्ञा (Sadhvi Pavanpragya) की स्मृति सभा का आयोजन हुआ। वे रविवार को देवलोकगमन प्राप्त हो गई थी। नवरात्र के उपलक्ष्य में मंत्र जाप का अनुष्ठान करवाया गया।
आचार्य महाश्रमण ने साध्वी पावनप्रज्ञा का जीवन परिचय बताते हुए कहा कि 1997 में उन्होंने समणी दीक्षा ग्रहण की और इस बार मुंबई में उन्हें साध्वी दीक्षा भी प्राप्त हो गई। उनकी जाप, स्वाध्याय, तपस्या आदि में रुचि रहती थी। समणी अक्षयप्रज्ञा उनकी बहन भी है। भीलवाड़ा, छापर चातुर्मास में और यहां मुंबई में उन्हें गुरुकुल वास में रहने का अवसर प्राप्त हो गया। पिछले कुछ समय में उनके शरीर में व्याधि हो गई। धर्मसंघ की एक सदस्या ने विदा ले ली। अंत समय में संथारा आना बड़ी बात है। उनकी आत्मा के प्रति मंगलकामना, मध्यस्थ भावना करते है। इस मौके पर धर्मसंघ ने चार लोगस्स का ध्यान किया।
इस अवसर पर मुख्यमुनि महावीर कुमार, साध्वी प्रमुखा विश्रुतविभा, साध्वीवर्या संबुद्धयशा ने वक्तव्य दिया। समणी अक्षयप्रज्ञा, समणी प्रणवप्रज्ञा, विजय पालगोता, चातुर्मास व्यवस्था समिति अध्यक्ष मदन तातेड ने विचार रखे
Editorial

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