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भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में विधानसभा चुनाव (vidhansabha election) के लिए कांग्रेस (congress) ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 144 प्रत्याशियों के नाम हैं। इस बेहद ही अहम चुनाव में भाजपा (bjp) के दिग्गजों को पटखनी देने के लिए कांग्रेस ने भी अपने बड़े चेहरों को मैदान में उतारा है। छिंदवाड़ा (Chhindwara) सीट से कांग्रेस ने अपने प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath) को चुनावी रण में उतारा है और इसी सीट पर उन्हें टक्कर देंगे भाजपा (bjp) के विवेक बंटी साहू | कमलनाथ के अलावा कांग्रेस ने गोविंद सिंह, अजय सिंह, जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह और डिंडौरी सीट से ओमकार सिंह मरकाम को चुनावी दंगल में उतारकर इस चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
कांग्रेस ने जिन 144 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है उनमें जैन और मुस्लिम नेता भी शामिल हैं। वहीं कांग्रेस ने ओबीसी प्रत्याशियों पर भी भरोसा जताया है। इन 144 नामों में सबसे ज्यादा 39 प्रत्याशी ओबीसी से ही आते हैं। अनुसूचित जाति के 22 और अनुसूचित जनजाति के 30 उम्मीदवारों को भी कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश चुनाव 'के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची में 5 जैन और 1 मुस्लिम नेता को प्रत्याशी बनाया है।
एक खास बात यह भी है कि कांग्रेस ने इस बार कम उम्र के नेताओं पर भी फोकस किया है। इस लिस्ट में 65 ऐसे नाम भी हैं जिनकी उम्र 50 साल से कम है। कांग्रेस ने 19 महिलाओं को भी टिकट थमाया है । जातिगत समीकरण साधने की बात करें तो कांग्रेस की पहली कैंडिडेट लिस्ट में 47 उम्मीदवार जनरल कैटेगरी से हैं, 6 माइनॉरिटी, 39 ओबीसी, 22 एससी और 30 एसटी नेताओं को टिकट दिया गया है
कांग्रेस ने जिस एक मुस्लिम नेता को टिकट थमाया है उनमें आरिफ मसूद हैं। आरिफ मसूद को भोपाल (bhopal) मध्य से टिकट दिया गया है। टिकट दिए जाने के बाद आरिफ मसूद ने मीडिया से बातचीत में कहा, विधायक बनने के बाद मैंने 5 साल तक जमीन पर काम किया है। इसलिए मुझे उम्मीद है कि मैं दोबारा जीत जाऊंगा। जैसे ही लिस्ट आया ऐसा लगता है कि वो सभी जीतेंगे।
पिछले चुनाव में कितने मुसलमानों को दिया टिकट
मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटें हैं और यहां 17 नवंबर को वोटिंग होगी। साल 2018 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो उस वक्त भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देने में कंजूसी दिखाई थी। कांग्रेस ने म.प्र. में आरिफ अकील, आरिफ मसूद और सिरोंज से मसर्रत शाहिद को पिछले चुनाव में टिकट थमाया था। वही भाजपा ने भोपाल उत्तर से फातिमा सिद्दीकी को टिकट दिया था। एक अनुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश में मुसलमानों की आबादी करीब 6 फीसदी है। याद दिला दें कि इसी तरह साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने एक ही मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट दिया था तो वहीं उस चुनाव में कांग्रेस ने 5 मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया था।
महिला विधायकों की बात करें तो अभी मध्य प्रदेश में 21 महिला विधायक हैं। इनमें भाजपा 11, कांग्रेस की 9 और एक विधायक बसपा से हैं। राज्य में महिला वोटरों की संख्या 2.67 (48.36%) करोड़ है। साल 2018 के चुनाव में भाजपा ने कुल 24 महिलाओं को टिकट दिया था। वहीं कांग्रेस ने इस चुनाव में 28 महिला प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। राज्य की 76 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
एससी-एसटी सीटों पर जोर आजमाइश
भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की जो सूची अब तक जारी है उनमें 29 प्रतिशत टिकट अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को दिए हैं। भाजपा ने 16 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया है। इसके अलावा पार्टी ने अब तक अजा के 18 और जजा के 30 प्रत्याशियों के नाम लिस्ट में शामिल कर दिये हैं। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में अपनी पहली लिस्ट में एससी वर्ग के लिए आरक्षित 22 सीटों और एसटी वर्ग के लिए आरक्षित 30 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है।
Editorial

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