जयपुर ( कार्यालय संवाददाता)। राजस्थान विधानसभा चुनाव (Rajasthan assembly elections) के लिए करवाया गया सर्वे लीक होने के बाद कांग्रेस (Congress) की चिंता बढ़ गई है। कांग्रेस (Congress) अब नये सिरे से चुनावी रणनीति (election strategy) और संभावित प्रत्याशियों (potential candidates) के नामों पर मशक्कत कर रही है। सर्वे में वर्तमान विधायकों की स्थिति, यदि उनका टिकट काटा जाना है तो उनके स्थान नये संभावित प्रत्याशियों के नाम, भाजपा के संभावित प्रत्याशियों के नाम, जातिगत समीकरण, कांग्रेस के कमजोर और मजबूत पक्ष के सा


Rajasthan Congress Survey Leak
जयपुर ( कार्यालय संवाददाता)। राजस्थान विधानसभा चुनाव (Rajasthan assembly elections) के लिए करवाया गया सर्वे लीक होने के बाद कांग्रेस (Congress) की चिंता बढ़ गई है। कांग्रेस (Congress) अब नये सिरे से चुनावी रणनीति (Election strategy) और संभावित प्रत्याशियों (Potential candidates) के नामों पर मशक्कत कर रही है। सर्वे में वर्तमान विधायकों की स्थिति, यदि उनका टिकट काटा जाना है तो उनके स्थान नये संभावित प्रत्याशियों के नाम, भाजपा के संभावित प्रत्याशियों के नाम, जातिगत समीकरण, कांग्रेस के कमजोर और मजबूत पक्ष के साथ ही संभावित चुनौतियों के बारे में बताया गया था। सभी दो सौ सीटों के चुनावी समीकरणों का उल्लेख किया गया था। सर्वे में अशोक गहलोत सरकार की योजनाओं को तो लोगों में लोकप्रिय बताया गया लेकिन लोगों के दिमाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम होने की बात कही गई थी।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही कांग्रेस (Congress) ने चुनावी रणनीति और संभावित प्रत्याशियों का पैनल तैयार किया था। साथ ही भाजपा व अन्य दलों के कुछ नेताओं से सीएम गहलोत व उनके निकटस्थों ने अपने साथ लाने के लिए संपर्क साधा था । राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ।
के प्रमुख हनुमान बेनीवाल से भी चुनावी समझौते पर विचार किया जा रहा था। कांग्रेस ने तय किया था कि किस क्षेत्र में क्या चुनावी मुद्दे होंगे व किस नेता को चुनाव अभियान की कमान सौंपी जाएगी, लेकिन अब प्रत्याशियों के नामों पर मंथन के साथ ही पूरी रणनीति पर फिर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार सर्वे रिपोर्ट भाजपा की कोर कमेटी के दो नेताओं के पास पहुंची है। रिपोर्ट के आधार पर भाजपा पहले से तय रणनीति में कुछ बदलाव कर रही है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के 3 विधायक भाजपा नेतृत्व के संपर्क में है। इनमें एक विधायक पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा के माध्यम से भाजपा में शामिल होना चाहते हैं।
35 विधायकों की स्थिति बेहद खराब : सर्वे में कांग्रेस के वर्तमान 107 में से 35 विधायकों की स्थिति बेहद खराब बताई गई है । इन्हे फिर से टिकट देने पर जीत मुश्किल बताई गई है। 20 विधायकों के बारे में भी लोगों की राय और जातिगत समीकरण पक्ष में नहीं बताए गए हैं।
विधानसभा अध्यक्ष सी. पी. जोशी व खान मंत्री प्रमोद जैन भाया सहित एक दर्जन सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे का मुकाबला होने की संभावना जताई गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सीट सरदारपुरा, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य सचिन पायलट की सीट टोंक सुरक्षित बताई गई है। शेष 38 विधायकों के बारे में मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली है। सूत्रों के अनुसार सर्वे में गहलोत सरकार के 8 मंत्रियों का जीतना काफी मुश्किल बताया गया है। गहलोत के लिए उनकी परंपरागत सीट सरदारपुरा के साथ ही पाली में भी सर्वे करवाया गया था। सूत्रों के अनुसार गहलोत खुद पाली से और पुत्र वैभव गहलोत को सरदारपुरा से चुनाव लड़वाने पर विचार कर रहे हैं ।
डिजाइन बाक्स ने किया था सर्वे: कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के लिए सर्वे करने वाली कंपनी डिजाइन बाक्स ने राजस्थान की सभी दो सौ विधानसभा सीटों का सर्वे किया है।
Editorial

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