Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust
अयोध्या (एजेंसी)। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के महासचिव चंपतराय ने अपील की है कि देश के प्रोटोकाल धारक विशिष्टजन 22 जनवरी को अयोध्या (Ayodhya) न आएं, जिससे प्राण प्रतिष्ठा समारोह में किसी को भी कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि सभी मुख्यमंत्री, राज्यपाल और राजदूत आदि के साथ संवैधानिक प्रोटोकाल है। हम 22 जनवरी को इनकी सेवा नहीं कर पाएंगे और मैं समझता हूं कि यहां का प्रशासन भी नहीं कर पाएगा। चंपतराय बुधवार को कासेवकपुरम में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समारोह का पत्रक देश की सभी प्रमुख भाषाओं में बांटा जाएगा । देशभर में विहिप के 45 प्रांतों के करीब 200 प्रतिनिधियों को रामलला के पूजित अक्षत भी दिए जाएंगे, जिन्हें वे पत्रक के साथ बांटेंगे। पांच लाख गांवों में एक जनवरी से अक्षत भेजने का अभियान शुरू होगा, जो मकर संक्रांति तक चलेगा। विहिप ने संगठन की दृष्टि से देश को 45 प्रांतों में बांट रखा है। अक्षत वितरण अभियान के तहत पांच नवंबर को सभी 45 प्रांतों के कम से कम दो- दो कार्यकर्ताओं को अयोध्या बुलाया गया है । निवदेन पत्रक के जरिए अपील की जाएगी कि प्राण प्रतिष्ठा के दिन अपने निकटतम मंदिर में आनंदोत्सव मनाएं।
विदेशी भक्तों से अपील
चंपतराय ने बताया कि विदेशी भक्तों से अपील की जा रही है कि अपने-अपने देश से आगमन की तिथि वह स्वयं तय करें, ताकि उन्हें अयोध्या आने पर समुचित सुविधा उपलब्ध कराने में आसानी हो। प्रवासी भारतीयों से संवाद के लिए कार्यकर्ता नियुक्त किए गए हैं।
अयोध्या में राम मंदिर के पुजारियों के वेतन में वृद्धि
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राममंदिर के प्रधान पुजारी, सहायक पुजारी, सेवा में लगे कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की है। प्रधान पुजारी का वेतन अब 32,900 रूपये तथा सहायक पुजारी का वेतन 31,900 रूपये हो गया है। इससे पहले प्रधान पुजारी को 25 हजार व सहायक पुजारी को 20 हजार रूपये मिलता था। पुजारी यहां दैनिक अनुष्ठान करते हैं।
Editorial

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