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वरिष्ठजन दूसरी बार घर पर नहीं मिले तो नहीं मिलेगा वोटिंग का मौका
By EditorialPublished on
उदयपुर (वि)। विधानसभा आम चुनाव (Assembly general election)-2023 को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की ओर से दी गई पोस्टल बैलेट सुविधा के संबंध में राजनैतिक (Political) दलों के प्रतिनिधियों (Representatives) और मीडियाकर्मियों को जानकारी साझा करने तथा शत प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द पोसवाल के निर्देशन में महत्वपूर्ण बैठक उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम शैलेष सुराणा की अध्यक्षता में गुरूवार शाम को कलक्ट्रेट सभागार में हुई।

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उदयपुर (वि)। विधानसभा आम चुनाव (Assembly general election)-2023 को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की ओर से दी गई पोस्टल बैलेट सुविधा के संबंध में राजनैतिक (Political) दलों के प्रतिनिधियों (Representatives) और मीडियाकर्मियों को जानकारी साझा करने तथा शत प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द पोसवाल के निर्देशन में महत्वपूर्ण बैठक उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम शैलेष सुराणा की अध्यक्षता में गुरूवार शाम को कलक्ट्रेट सभागार में हुई।
प्रारंभ में प्रकोष्ठ प्रभारी उपनिदेशक स्वायत्त शासन विभाग कुशल कोठारी व सहायक प्रभारी महेश जोशी ने होम वोटिंग के प्रावधानों से अवगत कराया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुराणा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने इस बार 80 से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं तथा 40 प्रतिशत से अधिक विकलांग दिव्यांग नों को होम वोटिंग की सुविधा दी है। इसके लिए अधिसूचना जारी होने के 5 दिन में फॉर्म 12डी भर कर प्रस्तुत करना होगा। बूथ लेवल अधिकारी अपने क्षेत्र के ऐसे चिन्हित मतदाताओं को 12डी फॉर्म उपलब्ध कराएंगे तथा भरा हुआ आवेदन रिटर्निंग अधिकारी तक पहुंचाएंगे। जांच के बाद पोस्टल बैलेट जारी किए जाएंगे। मतदाता सूची में उनके नाम के सम्मुख पीबी (पोस्टल बैलेट) अंकित किया जाएगा। इसके पश्चात रूट चार्ट तैयार कर मतदान दलों को होम वोटिंग के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि होम वोटिंग के लिए चिन्हित मतदाताओं की सूचना सभी राजनैतिक दलों और मीडिया में सार्वजनिक की जाएगी। चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी बूथ स्तर के समान ही होम वोटिंग के लिए भी अपने अभिकर्ता नियुक्त करेंगे, जो होम वोटिंग के दौरान उपस्थित रह सकेंगे। सुराणा ने बताया कि रोडवेज बस के चालक- परिचालकों, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्मिकों, अग्निशमन सेवा, पीएचईडी के पंप संचालक व टर्नर, उर्जा विभाग के इलेक्ट्रीशियन व लाइटमैन, निर्वाचन आयोग की ओर से अधिसूचित मीडियाकर्मियों, दूग्ध उत्पादक संघ से जुड़े कार्मिकों आदि को भी पहली बार इस सुविधा में शामिल किया गया है। उन्हीं कार्मिकों को पोस्टल बैलेट जारी किए जाएंगे, जिनकी ड्यूटी मतदान दिवस पर नियोजित होने से बूथ पर जाकर मतदान करने से वंचित रहने की संभावना हो। ऐसे मतदाताओं के लिए तीन दिन की अवधि के लिए डाक मतदान केंद्र मतदान दिवस से कम से कम 3 दिन पहले रिटर्निंग अधिकारी मुख्यालय पर स्थापित किया जाएगा। इसमें वे किसी भी दिन सुबह 9 से शाम 5 बजे के दरम्यान आकर अपना मतदान कर सकेंगे। होम वोटिंग सुविधा पूरी तरह से स्वैच्छिक है। मतदाता चाहे तो 12डी आवेदन नहीं करके सीधे बूथ पर जाकर भी मतदान कर सकते हैं। एक बार आवेदन करने तथा पोस्टल बैलेट जारी हो जाने व मतदाता सूची पीबी अंकित होने के पश्चात संबंधित मतदाता को बूथ पर आकर मतदान करने का अवसर नहीं मिलेगा। इसी प्रकार वरिष्ठ नागरिक व दिव्यांगजन मतदाताओं के एक बार घर पर नहीं मिलने पर दूसरी बार फिर यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। तीसरी बार अवसर नहीं मिलेगा ।
उदयपुर में 81 हजार से अधिक मतदाताओं को मिलेगी होम वोटिंग की सुविधा
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उदयपुर जिले में 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 60457 तथा दिव्यांग श्रेणी के 20693 मतदाता चिन्हित हैं। इनमें से जिनकी ओर से होम वोटिंग की सुविधा के लिए फॉर्म 12डी में आवेदन किया जाएगा, उन्हें घर बैठे मतदान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

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