Cybercrime Arrest
जोधपुर (कासं)। इंटरनेशनल (International) साइबर ठगी गिरोह (Cyber Fraud Gang) से जुड़ा उदयपुर (Udaipur) का हिमांशु यादव (Himanshu Yadav) जोधपुर पुलिस (Jodhpur Police) के हत्थे चढ़ा। यह एनआरआई (NRIs) से हुई 5 करोड़ की ठगी मामले (Fraud Cases) में भी जुड़ रहा । महज 19 साल का एक स्टूडेंट इंटरनेशनल साइबर (Student International Cyber) ठग गिरोह का सदस्य है। वह कई टेलीग्राम ग्रुप (Telegram Group) से जुड़ा है।
इन ग्रुप के जरिए इंडिया और दूसरे देशों से बिजनेस खातों और उनकी जानकारी जुटाकर वह साइबर ठगों को देता है। बदले में उसे कमीशन मिलता है। फिर विदेश में बैठ कर शातिर लोग ठगी करते हैं। जोधपुर पुलिस ने उदयपुर से इस शातिर ठग हिमांशु यादव को पकड़ा है।
एसीपी सेंट्रल छवि शर्मा ने बताया- 14 अगस्त को एक एनआरआई के. के. - मेहता ने मामला दर्ज करवाया कि उनके बिजनेस एकाउंट आईडीएफसी व एचडीएफसी शाखा जोधपुर शहर में के 1 बैंकों में हैं। इनको उनका मुनीम गुलाब बन्जारा निवासी जोधपुर संचालित करता है।
दोनों एकाउन्ट्स से जुड़े हुए लिंक मोबाइल नम्बर प्रार्थी स्वयं के जुड़े हुए हैं। उक्त लिंक मोबाइल नम्बर का उपयोग भी गुलाब बन्जारा द्वारा ही किया जाता है।
गुलाब बन्जारा ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ योजनाबद्ध तरीके से दोनों खातों से 5 करोड़ 20 लाख रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी की। इस पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया गया तो गुलाब बन्जारा ने टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ कर 71 अलग-अलग खातों में प्रार्थी की भारी रकम को स्थानान्तरित करके भारी आर्थिक क्षति पहुंचाना पाया गया।
इस पर पूर्व में गुलाब बन्जारा व उसके अन्य सहयोगी हिरेन सोनगरा, जडेजा शुरूभा, कुलदीप गढ़वी व कैलाश भील को गिरफ्तार किया गया।
ऐसे जुड़ा स्टूडेंट
साइबर ठगों ने टेलीग्राम पर अलग- अलग नामों से ग्रुप बनाए हुए हैं। जिसमें देश-विदेश के ठग जुड़े हुए हैं, जो ऐसे लोगों को मोटी रकम का लालच देकर भारतीय लोगों के करन्ट खाते व बचत खाता मय चेक बुक, डेबिट कार्ड, एटीएम कार्ड व एकाउन्ट्स से लिंक मोबाइलनम्बर व ई-मेल एड्रेस आदि कमिशन पर प्राप्त करते हैं।
फिर लोगों से धोखाधड़ी कर उनसे प्राप्त होने वाली रकम का इन खातों में लेन-देन क्रिप्टो करेन्सी से करते हैं। खाता व सिम उपलब्ध करवाने वालों को कमिशन की राशि भी यूएसडीटी जैसी क्रिप्टो करेन्सी द्वारा उनकी वॉलेट में ट्रान्सफर कर दी जाती है।
पकड़ा गया शातिर 12वीं का छात्र
भारत में लाखों लोग इस तरह के अपराध में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। पकड़ा गया हिमांशु भी 12वीं विज्ञान वर्ग का नियमित छात्र है, जो अपने शौक- मौज के लिए इसी तरह के टेलीग्राम ग्रुप व अन्य सोशल साइट्स से जुड़कर बहुत ही शातिराना तरीके से साइबर ठगी का धन्धा पिछले करीब एक साल से कर रहा था।
पूछताछ के दौरान उसने बताया कि ऑनलाइन फर्जी बैंक खाते व उनसे लिंक मोबाइल नम्बर कमिशन पर प्राप्त कर आगे अधिक कमिशन पर चाइनीज व अंग्रेजी भाषा में संचालित होने वाले टेलीग्राम ग्रुप्स को उपलब्ध करवाए।
Editorial

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