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नीतीश के 'गले की फांस' बनी जाति जनगणना रिपोर्ट
By EditorialPublished on
पटना (एजेंसी)। बिहार (Bihar) में जाति जनगणना (Census) की रिपोर्ट सार्वजनिक (report public) हुए हफ्ता भर होने को हैं, लेकिन घमासान खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। एनडीए नेताओं की आपत्ति समझ में आती है, लेकिन महागठबंधन के घटक दलों के नेताओं का इस बारे में बोलना थोड़ा आश्चर्य पैदा करता है। माना जा सकता है कि कांग्रेस के नेता तो मंत्रिमंडल में उसके दो और सदस्यों के शामिल न किए जाने से नाराज हैं। लेकिन जदयू और राजद के कुछ नेता भी कभी खुल कर तो कभी दबी जुबान से जाति गणना में कमियां निकाल रहे हैं। राजद विधायक सुधाकर

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पटना (एजेंसी)। बिहार (Bihar) में जाति जनगणना (Census) की रिपोर्ट सार्वजनिक (report public) हुए हफ्ता भर होने को हैं, लेकिन घमासान खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। एनडीए नेताओं की आपत्ति समझ में आती है, लेकिन महागठबंधन के घटक दलों के नेताओं का इस बारे में बोलना थोड़ा आश्चर्य पैदा करता है। माना जा सकता है कि कांग्रेस के नेता तो मंत्रिमंडल में उसके दो और सदस्यों के शामिल न किए जाने से नाराज हैं। लेकिन जदयू और राजद के कुछ नेता भी कभी खुल कर तो कभी दबी जुबान से जाति गणना में कमियां निकाल रहे हैं। राजद विधायक सुधाकर सिंह ने कहा है कि आर्थिक गणना की रिपोर्ट के बिना इन आंकड़ों का कोई औचित्य नहीं। वहीं जदयू के सांसद सुनील सिंह पिंटू ने भी आंकड़ों में गड़बड़ी की बात कही है।
अनिल शर्मा ने आंकड़ों को बताया था गलत
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा ने रिपोर्ट जारी होने के दूसरे ही दिन कहा था कि जाति सर्वे के आंकड़ों में सवर्ण जातियों की संख्या घटती हुई दिखी है। वर्ष 2011 में बिहार की आबादी जब 10 करोड़ थी, तब सवर्णों की आबादी 17 फीसदी आई थी । जाति सर्वेक्षण में सवर्णों की संख्या घट कैसे गई । निश्चित रूप से गणना में कोई गड़बड़ी हुई है । जातीय गणना के आंकड़ों के बहाने उन्होंने मांग कर दी कि संख्या के हिसाब से सत्ता में हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने नीतीश कुमार से बिहार में तीन और डेप्युटी सीएम बनाने की मांग कर दी।
मुख्यमंत्री ने कही है बड़ा फैसला लेने की बात
सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार विधानसभा के अगले सत्र में सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आलोक में बड़े फैसले हो सकते हैं। भाजपा की घबराहट इसी बात को लेकर है। भले ही जाति सर्वेक्षण पर सहमति जताने वाले दलों में एनडीए के सभी घटक दलों ने हामी भरी, लेकिन उन्हें अब यह महागठबंधन का अचूक अस्त्र लगने लगा है। अगर इस हिसाब से नीतीश ने कोई बड़ा फैसला कर लिया तो वह ब्रह्मास्त्र की तरह काम करेगा । इसीलिए भाजपा समेत एनडीए के घटक दल डरे-सहमे हैं और लगातार सर्वे के आंकड़ों पर तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं।
'आपत्तियों के निष्पादन के बाद ही हो अमल'
भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने जातीय गणना रिपोर्ट पर अगले सत्र में बड़े फैसले संबंधी नीतीश कुमार के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि रिपोर्ट पर सभी आपत्तियों का निष्पादन करने के वाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई हो । सरकार हड़बड़ी में दिख रही है। इन्हें राजनीतिक फायदा नजर आ रहा है। तेली, धानुक, चंद्रवंशी, कहार, कुशवाहा, कायस्थ, नोनिया सहित पिछड़े, अतिपिछड़े और अन्य कोटियों के लोगों की आपत्ति को अनदेखा किया जा रहा है। इन वर्गों के सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने सार्वजनिक रूप से इसे पब्लिक डोमेन में रखा है। यदि इनकी आपत्तियों का निराकरण कर सुधार नहीं होगा तो ये सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाएंगे।
सरकार पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप मढ़ा
विजय सिन्हा ने कहा है कि सरकार द्वारा अति पिछड़े और दलितों की हकमारी कर मुस्लिम तुष्टिकरण की साजिश की जा रही है। आंकड़ों में हेराफेरी कर उन्हें गरीबी रेखा से उपर दिखाने का प्रयास हो रहा है, ताकि वे केंद्रीय योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाएं। संख्या के आधार पर अतिपछड़े, दलित समुदाय का हक मुख्यमंत्री पद पर बनता है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री पद पर अल्पसंख्यक समाज की दावेदारी होती है। क्या मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री इस सिद्धांत के तहत अपने-अपने लाभ का पद छोड़ेंगे? राज्य की जनता जानती है कि ये अपना पद किसी भी हालत में नहीं छोड़ेंगे। फिर वोट के लिए हिंदुओं के हिस्से में कटौती करना गलत परंपरा की शुरूआत होगी।
चिराग को सर्वेक्षण की प्रक्रिया पर ही संदेह
चिराग पासवान ने सर्वेक्षण पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बिहार सरकार ने जाति गणना किस आधार पर कराई, इसकी प्रक्रिया क्या थी, यह किसी को पता नहीं है। कई ऐसी जातियां हैं, जिनकी आबादी बढ़ाकर राजनीतिक फायदे के लिए दिखाई गई है। जाति गणना करने वाले कई घरों तक पहुंचे ही नहीं। ऐसी शिकायतें भी मिल रही हैं। सीएम नीतीश कुमार को इस बाबत सर्वदलीय बैठक बुला कर तमाम आपत्तियों पर सफाई देनी चाहिए ।

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