Electricity customers
नागपुर : महानिर्मिति और महापारेषण ने महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग के पास दर वृद्धि की याचिका दाखिल की है। इसके तहत प्रति यूनिट 1.35 रुपये की दर वृद्धि प्रस्तावित की गई है। महावितरण (Mahavitaran) ने भी इसी तरह की याचिका दाखिल कर दर वृद्धि की मंजूरी दिये जाने की मांग आयोग से की है। जाहिर है, आनेवाले वक्त में इन याचिकाओं को मंजूरी मिलने के साथ ही बिजली ग्राहकों (Electricity Customers) को महंगी बिजली का झटका लगने की पूरी संभावना है।
तीनों ही बिजली कंपनियों की याचिका के चलते बिजली की दरों में भारी वृद्धि हो सकती है। मार्च 2025 तक औसत बिजली बिल की दर 7.27 रुपये प्रति यूनिट दर्शाई गई है। यानि अगर यह दर वृद्धि होती है तो इसका बेहद बुरा असर राज्य के उद्योग धंधों पर भी पडने जा रहा है।
एमईआरसी ने 30 मार्च 2020 को मार्च 2025 के अंत तक के पांच वर्षों के लिये बहुवर्षीय बिजली दर निश्चित करने के आदेश दिये थे। लेकिन कानूनी प्रावधानों के अनुसार तीसरे साल बिजली की दरों की समीक्षा के लिये कंपनियां याचिका दाखिल कर सकती हैं। इसी अनुसार महानिर्मिति और महापारेषण द्वारा पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई हैं। महानिर्मित कंपनी की ओर से कुल 24,832 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि को मंजूरी दी है।
महापारेषण ने खर्च में वृद्धि और आगामी दो वर्षों के लिये अधिक खर्च के बीच के कुल अंतर को पाटने के लिये 7818 करोड़ रुपये की अतिरिक्त की मांग की है। इसी अनुसार आगामी दो वर्षों में वसूली करने पर औसत 32 पैसे प्रति यूनिट की दर से वृद्धि की जायेगी.
Editorial

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