anticipatory bail
मुंबई : पुष्पक बुलियन के कारोबारी चंद्रकांत पटेल ने पिछले नवंबर में सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज बैंक धोखाधड़ी के मामले में विशेष अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। विशेष अदालत द्वारा पटेल की याचिका पर 2 फरवरी को सुनवाई की जायेगी। पटेल और पुष्पक बुलियन के खिलाफ सीबीआई द्वारा यह दूसरा मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले के मामले में सीबीई ने अपनी ओर से अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश करते हुये यह मान लिया है कि आरोपी पटेल के खिलाफ उसके पास कोई पुख्ता सबूत नहीं है। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इसका विरोध किया था। ईडी पटेल और पुष्पक बुलियन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच कर रही है। गौरतलपब है कि इसी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के करीबी रिश्तेदार श्रीधर माधव पाटणकर के स्वामित्व की कंपनी की संपत्तियां जब्त की गई हैं।
ईडी इस मामले की जांच अभी कर रही है। ईडी की पूरी जांच सीबीआई की पहली एफआईआर पर आधारित थी और यह एफआईआर अब बंद कर दी गई है। 25 नवंबर 2022 को सीबीआई ने पुष्पक बुलियन के खिलाफ ठगी के मामले में एक और एफआईआर दर्ज की है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर यह एफआईआर दर्ज हुई है। इस मामले में सीबीआई ने पुष्पक बुलियन के चेयरमैन चंद्रकांत पटेल, अमित संपत तथा दो अन्य अज्ञात बैंक अधिकारियों सहित कई अन्य व्यक्तियों को नामजद किया है। आरोप है कि पटेल और उनकी कंपनी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया से करीब 140 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। कंपनी ने कर्ज की रकम हासिल करने में और खर्च करने में फर्जीवाडे का आरोप है। कंपनी पर बैंक का 83 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया था और कंपनी यह कर्ज चुकाने में नाकाम रही थी।
Editorial

Editorial

Next Story