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करोड़ों का जाली हॉलमार्क सोना जब्त
By EditorialPublished on
सोने (Gold) के आभूषणों पर हॉलमार्क (Hallmark) के दुरुपयोग की जांच के लिए 20 जनवरी को महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों में एक विशेष अभियान चलाया। मुंबई, ठाणे, पुणे और नागपुर (Mumbai, Thane, Pune and Nagpur) जैसे मुख्य केंद्रों सहित महाराष्ट्र में 6 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। मुंबई के झवेरी बाजार में सोने के आभूषणों पर नकली हॉलमार्किंग (counterfeit hallmarking) में संलग्न दो परिसरों पर कार्रवाई के तहत छापा मारा गया, जिसमें लगभग 2.75 किलोग्राम सोने के आभूषण जब्त किए गए

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मुंबई। भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards) ने सोने (Gold) के आभूषणों पर हॉलमार्क (Hallmark) के दुरुपयोग की जांच के लिए 20 जनवरी को महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों में एक विशेष अभियान चलाया। मुंबई, ठाणे, पुणे और नागपुर (Mumbai, Thane, Pune and Nagpur) जैसे मुख्य केंद्रों सहित महाराष्ट्र में 6 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। मुंबई के झवेरी बाजार में सोने के आभूषणों पर नकली हॉलमार्किंग (counterfeit hallmarking) में संलग्न दो परिसरों पर कार्रवाई के तहत छापा मारा गया, जिसमें लगभग 2.75 किलोग्राम सोने के आभूषण जब्त किए गए, जिनकी कीमत 1.5 करोड़ रुपये से अधिक थी। ठाणे, पुणे और नागपुर में भी इसी तरह की कार्रवाई के कारण जाली चिन्हित आभूषणों की जब्ती हुई और भारतीय मानक ब्यूरो के निर्देशों के अनुसार पर्याप्त परीक्षण और गुणता जांच के बिना सोने के आभूषणों पर हॉलमार्क लगाकर और सोने के आभूषणों पर नकली हॉलमार्क लगाकर ग्राहकों को ठगने वाली फर्मों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।
मेसर्स शंकेश्वर एसेयिंग एंड टंच, झवेरी बाजार, मुंबई, मेसर्स जय वैष्णव हॉलमार्किंग सेंटर, झवेरी बाजार, मुंबई, मेसर्स विशाल हॉलमार्किंग सेंटर, जांबली नाका, ठाणे, मेसर्स शंकेश्वर एसेइंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर, अंधेरी, मुंबई, मेसर्स जोगेश्वरी एसेइंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर, रविवार पेठ, पुणे और मेसर्स रिद्धि सिद्धि हॉलमार्क, इतवारी, नागपुर के परिसरों में तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की गई। सोने के आभूषणों और सोने की वस्तुओं की हॉलमार्किंग आदेश, 2020 के अनुसार, सोने के आभूषणों और सोने की सामग्रियों पर 16 जून 2021 से अनिवार्य रूप से हॉलमार्क होना चाहिए। आभूषण केवल भारतीय मानक ब्यूरो के साथ पंजीकृत ज्वैलर्स द्वारा बेचे जा सकते हैं और केवल मान्यता प्राप्त परख और हॉलमार्किंग केंद्रों (एएचसी) द्वारा ही हॉलमार्क किए जा सकते हैं।
हॉलमार्क और भारतीय मानक ब्यूरो मानक चिह्न का दुरुपयोग करने पर दो साल तक की कैद या न्यूनतम 2,00,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है। लेकिन इस जुर्माने को संलग्न सामग्री के मूल्य या हॉलमार्क के साथ संलग्न मूल्य के दस गुना तक बढ़ाया जा सकता है। या उपरोक्त दोनों जुर्मानों का प्रावधान किया जा सकता है। उपरोक्त अपराध के संबंध में अदालत में मामला दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की जा रही है। इस तरह के अवैध नकली अंकन के पक्षकार रहे सभी ज्वैलर्स के खिलाफ अभियोजन एवं कार्रवाई की भी परिकल्पना की गई है।
कई बार पाया गया है कि उपभोक्ताओं को नकली हॉलमार्क वाले आभूषण बेचे जाते हैं। इसलिए, भारतीय मानक ब्यूरो चिन्ह, कैरेट शुद्धता और गहनों पर एचयूआईडी सहित संपूर्ण हॉलमार्क की जांच करना महत्वपूर्ण है। एचयूआईडी या हॉलमार्क यूनिक आईडी, प्रत्येक सोने के आभूषण पर उकेरा गया एक अनूठा कोड है जो उस पर अंकित हॉलमार्क को प्रमाणित करता है। हॉलमार्क किए गए गहनों का विवरण जैसे कि आभूषण की शुद्धता, आभूषण का प्रकार, जौहरी का नाम जिसने आभूषण को हॉलमार्क करवाया और हॉलमार्किंग केंद्र जिसने आभूषण का परीक्षण और प्रमाणित किया आदि को भी खरीदारी करने से पहले भारतीय मानक ब्यूरो के मोबाइल एप्लिकेशन का माध्यम से आभूषण का एचयूआईडी ट्रैक करके देखा जा सकता है।

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