Joshimath-Supreme Court
नई दिल्ली (एजेंसी) : जोशीमठ (Joshimath) में जमीन धंसने के चलते मकानों में दरार आने और लोगों को पलायन के लिए मजबूर होने के मसले पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इनकार दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को हाई कोर्ट (High Court) में अर्जी दाखिल करनी चाहिए और वहां अपना मसला रखना चाहिए। वहां सुनवाई होने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट का रूख किया जा सकता है। इससे पहले बीते सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने जोशीमठ पर सुनवाई से इनकार कर दिया था और कहा था कि जरूरी मसले का सुप्रीम कोर्ट में ही आना जरूरी नहीं है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwarananda)
ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर जोशीमठ में जमीन धंसने को राष्ट्रीय आपदा (National calamity) घोषित करने की मांग की थी। इस पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला समेत तीन जजों की बेंच ने कहा कि आप इस याचिका को हाई कोर्ट में दाखिल कर सकते हैं। बदरीनाथ और हेमकुंड (Badrinath and Hemkund) जैसे तीर्थस्थानों के लिए बेसकैंप के तौर पर जोशीमठ में यात्री रूकते रहे हैं। स्कीइंग डेस्टिनेशन ऑली के लिए भी यहां पड़ाव डालते रहे हैं। बीते कुछ वक्त से जोशीमठ में जमीन धंस रही है और इसके चलते सैकड़ों घरों पर संकट आ गया है। प्रशासन ने पिछले दिनों दो होटलों को गिराने का आदेश दिया था, लेकिन वहां मौजूद घरों को फिलहाल बनाए रखने को कहा गया है।
Editorial

Editorial

Next Story