Anand Mahotsav
मुंबई : मनुष्य जीवन में आकर भी अगर हम परमात्मा को नहीं जान पाए तो यह जीवन सार्थक नहीं है। गुरू पंथ नहीं पथ देता है। धर्म बांधता नहीं, खुले आसमान में जीना सिखाता है। और आज मुंबई (Mumbai) की धरती पर मैं आप सभी को अपना भक्त नहीं अपना भाई बनाने आया हूं। यह उद्गार वाशी में आयोजित आनंद महोत्सव (Anand Mahotsav)में संत ब्रह्मर्षि गुरूवानंद महाराज ने कहे। उन्होंने नवकार और गायत्री मंत्र (Navkar and Gayatri Mantra) का जाप करवा उद्बोधन शुरू किया।
उन्होंने कहा कि जीवन में सत्कर्म करने चाहिए ताकि हम ईश्वर को प्राप्त कर सकें। ईश्वर ने हमें मनुष्य रूप में इसलिए भेजा है कि हम अच्छे कर्म करके मानवता की सेवा करते हुए अपने अंतिम लक्ष्य मोक्ष को प्राप्त कर सकें। विश्व धर्म चेतना मंच मुम्बई शाखा के तत्वावधान में स्वामी विवेकानन्द एवं सिद्धेश्वर गुरुदेव के अवतरण दिवस पर आयोजित समारोह की शुरुआत संगीतकार मनोज मिश्रा ने अपनी टीम के साथ विभिन्न प्रस्तुतियाँ देकर की। ब्रह्मर्षि आश्रम के संगठन चेयरपर्सन घनश्याम मोदी व अन्य सहयोगियों ने दीप प्रज्वलित किया। मुंबई शाखा अध्यक्ष के.सी. जैन, मंत्री महेन्द्र चोरडिया, सदस्य उतम पटावरी निखिल जालान राष्ट्रीय युवा उपाध्यक्ष मयंक कोठारी मुंबई शाखा के युवा अध्यक्ष मनोज कोठारी कार्यक्रम संयोजक सुरेश जैन का मंच पर सम्मान किया गया।
Anand Mahotsav
मंत्रों से गूंजा सभागार

ब्रह्म ऋषि ने दैनिक जीवन में पॉजिटिव विचारधारा के साथ अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढऩे की शिक्षा देते हुए प्राचीन व वैदिक परंपरा से जुड़े हुए कई मंत्रों का जाप करवाया। एक साथ सैकड़ों लोगों द्वारा किए गए जाप के चलते पूरा ऑडिटोरियम किसी वैदिक कार्यक्रम की तरह गूंज उठा।

Anand Mahotsav
इनकी रही उपस्थिति

कार्यक्रम में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री गणेश नाईक, शिव सेना नेता विजय चोगुले, सुशील चौधरी, चंद्र भंसाली, शारदा भंसाली, प्रभा भंडारी, सरला बोथरा, राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश सांखला, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष इंदु राठोड, सुनील आहूजा, प्रमोद पालीवाल, वी. के श्रीवास्तव, सुरेश सी. जैन, शिखर चंद जैन, लक्ष्मण कोठारी, राजीव अजमेरा, दिलीप मेहता, दिनेश हिरन, अनिल गुंदेचा, किशोर खंडेलवाल, राजेश पामेचा, नवीन गिरिया, महेन्द्र दफ्तरी, प्रखर गोलेचा, मंयक सोलंकी, मंयक कोठारी, मनोज कोठारी, सौरभ पामेचा, मुकेश धाकड़, रवि पुकरिया आदि की उपस्थिति रही
Editorial

Editorial

Next Story