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सीजन की पहली मावठ : जोधपुर में 40 मिनट तक बारिश, संक्रांति से पड़ेगी कड़ाके की ठंड
By EditorialPublished on
मावठ जोधपुर (Jodhpur) में हुई। वहीं, दो दिन से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छाए बादल के कारण दिन का तापमान पांच- सात डिग्री बढ़ गया है। पूर्वी राजस्थान के जिलों में इसका असर अधिक दिखाई दिया है। मौसम केन्द्र जयपुर (Meteorological Center Jaipur) के मुताबिक 14 जनवरी से सर्दी का पैटर्न फिर बदलेगा और तेज सर्दी का दौर शुरू होगा। केंद्र के अनुसार 15-16 जनवरी से राजस्थान में फीर्ली हवा चलने लगेगी और तापमान 4-5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर सकता है।

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जयपुर ( कार्यालय संवाददाता) : राजस्थान (Rajasthan) में गुरूवार सुबह से कहीं घना कहीं हल्का कोहरा (Fog) छाया हुआ है। इससे पहले बुधवार देर रात सीजन की पहली मावठ जोधपुर (Jodhpur) में हुई। वहीं, दो दिन से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छाए बादल के कारण दिन का तापमान पांच- सात डिग्री बढ़ गया है। पूर्वी राजस्थान के जिलों में इसका असर अधिक दिखाई दिया है। मौसम केन्द्र जयपुर (Meteorological Center Jaipur) के मुताबिक 14 जनवरी से सर्दी का पैटर्न फिर बदलेगा और तेज सर्दी का दौर शुरू होगा। केंद्र के अनुसार 15-16 जनवरी से राजस्थान में फीर्ली हवा चलने लगेगी और तापमान 4-5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर सकता है।
राज्य में गुरुवार को तापमान (Temperature) की स्थिति देखें तो सीकर के फतेहपुर में पारा 5 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 9.7 पर पहुंच गया। यहां आसमान हल्के बादलों से ढका दिखाई दिया। चार दिन बाद हल्की सर्द हवा भी महसूस की जा रही है।
जयपुर, जोधपुर, बाड़मेर, गंगानगर, उदयपुर, अजमेर समेत कई शहरों में आज रात में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। गंगानगर में तो करीब 2 सप्ताह बाद रात का मिनिमम टेंपरेचर 10 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
सीजन की पहली मावठ
बुधवार रात 12 बजे के बाद जोधपुर शहर में अचानक सीजन की पहली मावठ हुई। करीब 40 मिनट तक चली मावठ में कभी तेज तो कभी रूक रूक कर बूंदाबांदी होती रही। सबसे पहले परकोटा क्षेत्र में शुरू हुई । इसके बाद शहर के दूसरे हिस्सों में भी हल्की से लेकर तेज बूंदाबांदी का दौर चला। मौसम विभाग के अनुसार जोधपुर में कुल 3 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। विभाग के अनुसार आने वाले 7 दिनों में दिन का पारा 8 से 9 डिग्री तक गिर सकता है।
इसलिए मिली थी सर्दी से राहत
उत्तर भारत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के बाद पंजाब (Punjab), हरियाणा (Haryana) के ऊपर के साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम बना है। इस सिस्टम से हवाएं घड़ी की दिशा में घूमनी शुरू हो गई, जिसके कारण उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवा वहीं थम गई। शीतलहर थमने से राजस्थान समेत दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश में भी तापमान बढ़ गया और लोगों को सर्दी के साथ कोहरे से भी राहत मिली।

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