CM Himanta Biswa Sarma
गुवाहाटी (एजेंसी) : असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। असम सीएम ने सलमान खुर्शीद के राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से करने वाले बयान पर भी निशाना साधा। सरमा ने कहा कि इस हद तक चापलूसी करना कहां तक सही है। - यह तो हद है। उन्होंने कहा कि सलमान ■ खुर्शीद को भगवान राम पर कुछ बोलने से पहले एक बार रामलला के दर्शन करने चाहिए। खुर्शीद को चाहिए कि वो रामलला जाएं और भगवान राम की पूजा-अर्चना करें। दरअसल सलमान खुर्शीद ने बीते दिनों कहा था कि उन्हें राहुल गांधी में भगवान राम की छवि दिखती है। सरमा ने कहा कि मान लीजिए असम का कोई नेता अगर कहे कि मेरे अंदर उसे भगवान राम की छवि दिखती है तो ऐसे में मैं उस नेता को दो थप्पड़ मारूंगा और कहूंगा कि वो कैसे भगवान राम की तुलना किसी से कर सकता है। भगवान राम की किसी से तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि भाजपा भगवान राम के रामराज्य की कल्पना को साकार करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सलमान खुर्शीद अगर राम पर बयान दे रहे हैं तो यह अच्छी बात है। इससे साफ है कि वो आखिरकार भगवान राम को मानने लगे हैं।
खुर्शीद के खरगे पर दिए बयान पर साधा निशाना
असम सीएम ने खुर्शीद के कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लेकर दिए बयान पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि खुर्शीद ने यह बयान देकर गांधी परिवार के नापाक मंसूबे का पर्दाफाश कर दिया है। असम के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि खुर्शीद ने दिखाया कि कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे लंगड़े अध्यक्ष हैं। सरमा ने कहा कि यह धांधली चुनाव कराने और दलित नेता को महज कठपुतली के रूप में इस्तेमाल करने के कांग्रेस के एजेंडे की पुष्टि करता है, जबकि रिमोट अभी भी गांधी परिवार के पास है।
खरगे के नफरत वाले बयान पर क्या बोले सरमा
उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भाजपा के नफरत वाले बयान पर कहा कि मुझे तो हर जगह विकास होते हुए दिख रहा है। अब तो तवांग से लेकर लद्दाख तक में भी काम चल रहा है। हर जगह सड़क से लेकर अस्पताल तक विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश को दो हिस्से में देखती है। कांग्रेस के भाजपा पर हिन्दू-मुसलमान को लेकर राजनीति करने के बयान पर असम सीएम ने कहा कि देश का बंटवारा ही धार्मिक आधार पर हुआ था। ऐसे में दोनों की बात क्यों नहीं की जा सकती है। प्रधानमंत्री मोदी ने 'सबका साथ सबका विकास' के तहत सभी का विकास करने का फैसला किया है।
Editorial

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