Ram Temple_Ayodhya
अयोध्या (एजेंसी) : अयोध्या में राम मंदिर में प्रसाद के रूप में 'इलायची दाना' की व्यवस्था जारी रहेगी। कोविद की वजह से सबसे सुरक्षित और अच्छा इलायची दाने के प्रसाद को माना गया है। ये प्रसाद मंदिर की तरफ से दर्शन करने वाले हर दर्शनार्थी को मिलेगा। वहीं दर्शनार्थियों के प्रसाद चढ़ाने पर रोक रहेगी। प्रसाद को लेकर हुआ ये फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि राम जन्मभूमि में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ ही प्रसाद की व्यवस्था में भी बदलाव करने की बात सामने आई थी।
अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर का काम तेजी से चल रहा है । ऐसे में श्रद्धालुओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। प्रथम तल के पूर्ण होने के बाद रामलला को उसके गर्भगृह में विराजमान कराया जाएगा। इससे पहले राम मंदिर ट्रस्ट ने ये स्पष्ट कर दिया है कि अयोध्या में जन्मभूमि में अस्थाई मंदिर में रामलला का दर्शन करने वाले भक्तों को प्रसाद चढ़ाने पर लगी रोक जारी रहेगी। कोविड के ताजा अलर्ट की वजह से ये फैसला किया गया है। मंदिर की तरफ से इलायची दाने का प्रसाद ही दर्शन करने वालों को मिलेगा । ये प्रसाद अभी विशेष पैकिंग में दर्शन करने वालों को दिया जाता है। इसे ट्रस्ट खास तौर पर तैयार कराती है ।
कोविड के संकट काल में प्रसाद को लेकर व्यवस्था तय की गयी थी। लेकिन ट्रस्ट के पास इस बात को लेकर सुझाव आए थे कि अन्य मंदिरों की तरह प्रसाद की व्यवस्था की जाए। रामलला को मेवे के लड्डू का प्रसाद देने के भी सुझाव आए थे लेकिन ट्रस्ट के सदस्यों में इस बात को लेकर सहमति बनी कि कोविड की स्थिति को देखते हुए अभी इसकी कोई व्यवस्था नहीं की जाएगी।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने कहा, कोविड की सतर्कता के मद्देनजर इलायची दाने का प्रसाद सबसे उपयुक्त है । साथ ही अभी भव्य राम मंदिर के निर्माण कार्य को देखते हुए दर्शन में अल्प अवधि में इसी प्रसाद को सबसे अच्छी तरह वितरित किया जा सकता है, इसीलिए यही व्यवस्था जारी रहेगी। राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं, अस्थाई मंदिर में रोजाना 20 हजार के करीब लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं। मकर संक्रांति को निर्माणाधीन राम मंदिर और अस्थाई मंदिर में बहुत ज्यादा संख्या में दर्शनार्थियों को आने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल प्लिन्थ का काम पूरा हो गया है और 161 स्तम्भ खड़े करने का काम चल रहा है।
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