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जयपुर (कार्यालय संवाददाता) : राजस्थान की 15वीं विधानसभा के सातवें सत्र का सत्रावसान साल के इस अंतिम सप्ताह में कभी भी हो सकता है। सत्रावसान से संबधित प्रक्रिया में तेजी आ गई है। सूत्रों की मानें तो विधानसभा के सत्रावसान की पत्रावली विधि विभाग और संसदीय कार्य विभाग से निकलकर मुख्यमंत्री कार्यालय से होते हुए राजभवन में राज्यपाल की मंजूरी के लिए जाने की प्रक्रिया में है। इसके साथ ही बताया यह भी जा रहा है की जैसे ही विधानसभा का सत्रावसान होगा उसके तुरंत बाद ही साल 2023 के बजट सत्र को आहूत करने के लिए सरकार की ओर से राजभवन पत्रावली भेजने की तैयारी भी की जा रही है। 15वीं विधानसभा का मौजूदा सातवां सत्र 9 फरवरी 2022 को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ था। इस बजट सत्र के पहले चरण में राज्यपाल के अभिभाषण और सरकार के जवाब देने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 23 फरवरी को साल 2022-23 का राज्य बजट सदन में रखा था। बजट को पास करने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद 28 मार्च को सदन में राष्ट्रगान के साथ में सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी।
सातवें सत्र में कुल 30 बैठकें हुई
इस सत्र में भी साल 2021 के छठें सत्र की तरह ही तीन चरणों में बैठकें होते रही लेकिन सत्रावसान नहीं किया गया था। सातवें सत्र में भी दो चरणों में कुल 30 बैठकें हुईं। इनमें पहले चरण में 25 बैठकें हुई। उसके बाद 19 से 23 सितंबर तक पांच दिन की बैठकें हुई। फिर से 23 सितंबर को अनिश्चितकाल के लिए सदन की बैठक स्थगित कर दी गई थी। तब से माना जा रहा था कि सत्रावसान होगा लेकिन नहीं हुआ। आखिरकार अब सातवें सत्र के सत्रावसान किया जाएगा।
बजट सत्र जनवरी के तीसरे चौथे सप्ताह में हो सकता है
सातवें सत्र के सत्रावसान के तुरंत बाद ही राज्य सरकार की ओर से आठवां सत्र आहूत करने की पत्रावली राजभवन भेजी जायेगी। बताया जा राहा है कि बजट सत्र 2023 जनवरी के मध्य में शुरू हो सकता है। दरअसल 10 से 13 जनवरी तक विधानसभा में 82वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन होना है। इस सम्मेलन को देखते हुए 16 जनवरी के बाद बजट सत्र राज्यपाल के अभिभाषण के साथ में शुरू होगा।
सरकार और राजभवन के बीच पहले हो चुकी है तकरार
राज्य सरकार और राजभवन के बीच सत्र आहूत करने के मामले को लेकर भी पहले तकरार हो चुकी है। लिहाजा 21 दिन के नोटिस पर सत्र आहूत करने की पत्रावली राजभवन भेजी जाएगी। सरकार जल्द सत्र आहूत करना चाहती है। सत्र जल्द बुलाने के कारणों से भी सरकार को राजभवन को अवगत करवाना होगा।
Editorial

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