Amit Shah raging on TMC MP
नई दिल्ली (एजेंसी) : विषय तो था देश में नशे की समस्या का लेकिन गृह मंत्री अमित शाह ने बिना नाम लिए राजीव गांधी फाउंडेशन के बहाने कांग्रेस को घेरने का मौका ढूंढ ही लिया । बुधवार को गृह मंत्री लोकसभा में देश में नशे की समस्या पर चर्चा का जवाब दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में कुछ एनजीओ ऐसे होते हैं जो समाज को प्रताड़ित करना चाहते हैं। यह कांग्रेस की नहीं, नरेंद्र मोदी की सरकार है, एफसीआरए का जो पालन नहीं करेगा, उसके साथ बिना किसी दया के सख्ती की जाएगी। शाह ने नाम तो नहीं लिया उनका इशारा राजीव गांधी फाउंडेशन की तरफ था जिसका सरकार ने एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया है। शाह ने कहा, नशामुक्ति के लिए हम एक लाख से ज्यादा शैक्षिक संस्थानों के जरिए जागरूकता फैला रहे हैं। इसमें ढेर सारे एनजीओ भी जुड़े हैं। कुछ एनजीओ ऐसे होते हैं जो भारत के समाज को स्वस्थ करना चाहते हैं लेकिन कुछ एनजीओ ऐसे होते हैं जो भारत के समाज को प्रताड़ित करना चाहते हैं। दोनों के लिए भारत सरकार की नीति एक नहीं होगी। एफसीआरए का जो पालन नहीं करेगा, उसके साथ सख्ती की जाएगी, कोई दया का भाव नहीं रखा जाएगा। विदेश से आए हुए धन का सोर्स राज्य की निगरानी में हो, ऐसा नहीं चलेगा। जब आपकी सरकार थी, बहुत चला लिया। यह नरेंद्र मोदी की सरकार है, देश को खत्म करने के लिए देश में एक पाई भी हम नहीं आने देंगे। एक हफ्ते पहले भी गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि चीन के दूतावास से धन हासिल करने के बाद ही राजीव गांधी फाउंडेशन का एफसीआरए लाइसेंस रद्द किया गया था। उन्होंने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि राजीव गांधी फाउंडेशन को 2005-06 और 2006-07 के वित्तीय वर्ष में चीनी दूतावास से 1 करोड़ 35 लाख रूपए का अनुदान प्राप्त हुआ था, जो कानून और उसकी मर्यादाओं के अनुरूप नहीं था इसलिए गृह मंत्रालय ने फाउंडेशन का एफसीआरए (विदेशी अनुदान नियमन कानून) पंजीकरण रद्द किया। शाह ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के नेतृत्व वाले फाउंडेशन को इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) के संस्थापक जाकिर नाइक से 50 लाख रूपये मिले। आईआरएफ को सरकार ने आतंकवाद में कथित संलिप्तता के लिए प्रतिबंधित कर दिया था।
'ऐसा व्यवहार आपकी उम्र के लिए ठीक नहीं'
जब टीएमसी सांसद पर भड़के अमित शाह भाषण छोड़कर बैठे
देश में नशे और ड्रग्स तस्करी पर लगाम कसने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में दी। इसी दौरान वह टीएमसी के सांसद सौगत रॉय की टोका- टोकी पर उखड़ भी गए। उन्होंने पहले तो सौगत रॉय से कहा कि वह शांत रहें और मेरा भाषण समाप्त होने के बाद ही बात करें। इसके बाद भी सौगत रॉय लगातार बोलते रहे तो अमित शाह का गुस्सा और बढ़ गया। वह अपनी सीट पर ही बैठ गए और कहा कि दादा पहले आप बोल लीजिए। यही नहीं, उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार आपकी उम्र और कद के लिहाज से ठीक नहीं है। इस मौके पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने दखल दिया और सांसद सौगत रॉय से शांत रहने की अपील की। इसके बाद अमित शाह फिर से खड़े हुए और अपने भाषण को आगे बढ़ाया। सौगत रॉय टीएमसी के वरिष्ठ सांसद हैं और मनमोहन सिंह सरकार में वह शहरी विकास राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। शाह के भाषण के दौरान वह क्या बोल रहे थे, यह तो नहीं सुना जा सकता, लेकिन गृह मंत्री उनकी ओर से आए व्यवधान से नाराज हो गए। अमित शाह ने कई बार उन्हें चुप रहने की सलाह दी और लगातार व्यवधान के बाद बैठ ही गए और कहा कि दादा पहले आप ही बोल लीजिए।

Editorial

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