✕
4 सीएम की गाड़ी में बैठे गडकरी
By EditorialPublished on
गडकरी ने बताया कि जब मैं मुख्यमंत्रियों की गाड़ी में बैठा और सीट बेल्ट लगाने को हुआ तो देखा कि वहां पहले ही एक क्लिप लगी हुई है। मैंने तुरंत ड्राइवर को डांटा और पूछा कि सीट बेल्ट कहां है तो उसने कहा,

x

नई दिल्ली (एजेंसी) : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तमाम दिलचस्प किस्से साझा करते रहते हैं। एक इंटरव्यू के दौरान रोड सेफ्टी पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया था कि वे 4 अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ उनकी गाड़ी में बैठे। वहां एक चीज देख दंग रह गए थे। गडकरी ने सीट बेल्ट से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए बताया कि मैं साल भर के अंदर 4 अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ गया, नाम नहीं लूंगा। मेरी आदत है कि मैं गाड़ी में आगे बैठता हूं और बैठते ही सीट बेल्ट लगाता हूं, नहीं तो आवाज आती है।
किस बात पर नाराज हो गए थे नितिन गडकरी
गडकरी ने बताया कि जब मैं मुख्यमंत्रियों की गाड़ी में बैठा और सीट बेल्ट लगाने को हुआ तो देखा कि वहां पहले ही एक क्लिप लगी हुई है। मैंने तुरंत ड्राइवर को डांटा और पूछा कि सीट बेल्ट कहां है तो उसने कहा, साहब पीछे लटका दिया है। मैंने कहा कि निकालो इसको । सीट बेल्ट नहीं लगाऊंगा तो गाड़ी नहीं चलेगी। सामान्य आदमी की छोड़िए यह मुख्यमंत्री की गाड़ी की बात है। गडकरी ने बताया कि मार्केट में ऐसी क्लिप आने लगी है जिसको आप सीट बेल्ट की जगह लगा सकते हैं, ताकि आवाज ना आए। बड़े-बड़े लोग ऐसा करने लगे हैं। उस घटना के बाद मैंने आदेश दे दिया है इस तरह की क्लिप बनाना और बेचना अपराध होगा।
स्कूटर पर 4 दोस्तों के साथ करते थे सवारी
गडकरी ने अपने छात्र जीवन का एक किस्सा सुनाते हुए बताया कि मैं स्टूडेंट लीडर हुआ करता था। उस समय विजय सुपर स्कूटर आया था । हम 4 दोस्त एक स्कूटर पर बैठा करते थे और जो सबसे पीछे बैठता था उसको कहा था कि हाथ से नंबर प्लेट ढंक दे, ताकि पुलिस न देख पाए। जवानी के दिनों में मैंने नियम तोड़े हैं, मुझे बताते हुए अच्छा नहीं लग रहा है।
'मैं जो कहता हूं वो करके दिखाता हूं…
गडकरी पिछले दिनों एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। तब उन्होंने अपने मंत्रालय के कामकाज से लेकर, पराली, पॉल्यूशन और ट्रैफिक जैसे मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी थी। गडकरी ने कहा था कि मैं जो कहता हूं वो करके दिखाता हूं वरना कहता ही नहीं हूं। अगले दो-तीन महीने में दिल्ली से देहरादून और हरिद्वार सिर्फ दो घंटे में जा सकेंगे। पराली से बायो विटामिन बनाने की मशीन भी लॉन्च होने वाली है।

Editorial
Next Story
Related News
X
