Farmers
गंगापुर सिटी/दिल्ली (प्रा.सं.) : ऐतिहासिक और अविस्मरणीय हो गया दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान गर्जना रैली का महाआयोजन । देशभर के राज्यों से आए किसानों ने भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में केंद्र सरकार को ये जाहिर कर दिया कि धरती से अन्न उगाने वाले किसान जब अपने हक की खातिर गर्जना करते हैं तो सता के सिंहासन भी डोल जाते हैं। ये बात दिल्ली के रामलीला मैदान में सोमवार को साक्षात भी हो गई ।
भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसान गर्जना रैली का आयोजन रामलीला मैदान में किया गया, आंदोलनों और रैलियों के इतिहास में यह महाआयोजन तारीख में दर्ज हो गया है। कपकंपाती ठंड में देशभर से लाखों किसानों ने अपने अधिकारों के लिए गर्जना करते हुए सरकार को सीधे चुनौती दे डाली है, इस आयोजन से ये बात जाहिर हो गई है कि किसान स्वर्णिम इतिहास लिखने में सक्षम हैं तो वे इतिहास का काला पन्ना भी पलटकर उसे व्यवस्था की किताब से फाडकर बाहर भी कर सकते हैं । भारतीय किसान संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मंच से जो ऐलान किए हैं उसके बाद यह बात स्पष्ट हो रहा है कि बहुत जल्द यदि किसानों की मांगों पर प्रदेश और केंद्र सरकार ने समय रहते निराकरण नहीं किया तो सरकार पर संकट के बादल गहरे होना निष्चित हैं । इस आयोजन में देषभर से आए राज्यों के पदाधिकारियों ने किसानों को संबोधित किया, अंत में राष्ट्रीय मंत्री बाबूभाई पटेल ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन का वाचन किया एवं दिल्ली प्रदेष अध्यक्ष हरपाल सिंह डागर ने प्रषासन व सहयोगियों का आभार व्यक्त किया इस अवसर पर मंच पर अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी, महामंत्री मोहनी मोहन मिश्र, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भैयाराम मौर्य, रामभरोसे बासोतिया, पेरूमल, श्रीमती कपिला मुठे, राष्टीय मंत्री साईं रेडडी, अखिल भारतीय संयोजिका महिला मंजू दीक्षित राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कैलाश चंदोलिया राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष लालाराम बटेश्वर, राजस्थान प्रदेश महामंत्री प्रवीण सिंह चौहान युवा प्रमुख राजीव दीक्षित प्रदेश, मंत्री तुलसाराम, प्रांतीय संगठन मंत्री परमानंद व हेमराज सहित अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
Editorial

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