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उदयपुर (वि) : पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के पेसिफिक सेन्टर ऑफ न्यूरो साईन्सेस की ओर से 9वें उदयपुर कोर्स ऑन न्यूरो साईन्सेस - 2022 के दौरान न्यूरो रिहैबिलिटेशन एवम न्यूरो नर्सिंग केयर के ऊपर सिंपोजियम का आयोजन किया गया। कंटिन्यू एजुकेशन प्रोग्राम के अर्न्तगत आयोजित सिंपोजियम का उद्धेश न्यूरो सेंटर में कार्यरत कर्मियों के ज्ञान को बढ़ाना है जिससे मरीजों को गुणवत्ता पूर्ण केयर दी जा सके। अध्यक्षता कर रहे पेसिफिक सेंटर ऑफ न्यूरो साइंसेज के निदेशक डॉ अतुलाभ वाजपेई ने कहा कि न्यूरो के मरीजों को सम्पूर्ण स्वास्थ्य लाभ के लिए सभी पहलुओं पर कार्य करना अत्यावश्यक है। न्यूरोरिहैबिलिटेशन सिंपोजियम के संयोजक डॉ जफर खान ने बताया कि सर्वप्रथम डा पीयूष देवपुरा ने अपने व्याख्यान में अपडेटेड मशीनरीज के बारे में तो डॉ. दीपक ने पक्षाघात के समय कंधे के खिसक जाने को बचाने के प्रयास एवम उसके सावधानियों के बारे में अवगत करवाया।
इस दौरान डॉ. अंकुर मित्तल ने उनके द्वारा किए गए शोध कार्यों के विडियोज से फंक्शनल इलेक्ट्रिकल स्टीमुलेशन के तौर तरीको के बारे में अवगत करवाया। डॉ. जफर खान ने न्यूरो पेशेंट्स में हाइड्रोथेरेपी की भूमिका पर प्रकाश डाला। न्यूरो नर्सिंग केयर के संयोजक एवं फैकल्टी ऑफ नर्सिंग के डीन डॉ के सी यादव ने बताया कि ब्रेन अटैक के मरीजों को जल्दी से जल्दी चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता होती है जिस हेतु नर्सिंग ऑफिसर्स का अपने कार्य में दक्ष होना अति आवश्यक है। पीसीएनएस के न्यूरो आइसीयू इंचार्ज पप्पू धाकड़ ने स्ट्रोक के कारणों एवं राइट आइडेंटिफिकेशन के बारे में बताया । राघवेन्द्र सिंह राजावत ने करवाया। स्ट्रोक के समय मरीजों को दी जा रही नर्सिंग केयर की गुणवत्ता की जानकारी दी। चिंतन जोशी, अवधेश त्रिपाठी ने भी जानकारियां साझा की।
Editorial

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