राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और सुब्रमण्यम स्वामी के बीच ये मुलाकात महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के घटक शिवसेना (उद्धव ठाकरे समूह), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस और अन्य दलों द्वारा एकनाथ शिंदे- भाजपा सरकार के खिलाफ मुंबई में बड़े पैमाने पर हुए 'हल्ला बोल' मोर्चा निकालने के एक दिन बाद हुई है। विपक्ष ने हल्ला बोल मार्च के जरिए राज्यपाल कोश्यारी को हटाने की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और समाज सुधारक महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले का अपमान किया ।


Dr. Subramanian Swamy-Bhagat Singh Koshyari
मुंबई : पूर्व राज्यसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने रविवार को राजभवन में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। राजभवन ने एक बयान कर बताया कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और सुब्रमण्यम स्वामी के बीच महज एक शिष्टाचार मुलाकात थी।
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और सुब्रमण्यम स्वामी के बीच ये मुलाकात महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के घटक शिवसेना (उद्धव ठाकरे समूह), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस और अन्य दलों द्वारा एकनाथ शिंदे- भाजपा सरकार के खिलाफ मुंबई में बड़े पैमाने पर हुए 'हल्ला बोल' मोर्चा निकालने के एक दिन बाद हुई है। विपक्ष ने हल्ला बोल मार्च के जरिए राज्यपाल कोश्यारी को हटाने की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और समाज सुधारक महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले का अपमान किया ।
राज्यपाल से स्वामी की मुलाकात के हैं कई मायने
बता दें कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और सुब्रमण्यम स्वामी के बीच यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पहले सुब्रमण्यम स्वामी ने सोलापुर जिले के पंढरपुर में एक कॉरिडोर विकसित करने की महाराष्ट्र सरकार की योजना का विरोध किया था। सरकार ने काशी विश्वनाथ परियोजना की तर्ज पर विट्ठल और रुक्मिणी मंदिर के आसपास कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है।
कॉरिडोर का विरोध कर रहे हैं कुछ लोग
हालांकि, परियोजना के लिए कस्बे में कुछ धार्मिक और आवासीय ढांचों को गिराने की आवश्यकता है, जिसका कुछ वर्गों द्वारा विरोध किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पंढरपुर मंदिर सालाना लाखों भक्तों को करता है, इसलिए सरकार यहां पर एक कॉरिडोर बनाना चाहती है।

Editorial

Editorial

Next Story