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5 रूपये महंगी बेची पानी की बोतल
By EditorialPublished on
हाल ही में ट्रेन संख्या 12232 ( चंडीगढ़- लखनऊ) चंडीगढ़ से शाहजहांपुर की यात्रा कर रहे एक यात्री ने ट्विटर पर वीडियो पोस्ट करके दावा किया था कि उनसे पानी की बोतल के लिए 20 रूपये चार्ज किए गए, जबकि यह बोतल की एमआरपी 15 रूपये थी। ट्विटर पर शिकायत दर्ज करने के बाद पानी की बोतल बेचने वाले दिनेश के मैनेजर को लखनऊ में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा, ब्रांच ने डीआरएम मनदीप सिंह भाटिया को जुर्माना लगाने के लिए कहा। सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर हरी मोहन ने बताया, आईआरसीटीसी के रीजनल मैनेजर को अंबाला समन किया गया

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नई दिल्ली (एजेंसी) : रेल यात्री को 15 रूपये की कीमत वाली पानी की बोतल 20 रूपये में बेचना आईआरसीटीसी के एक कॉन्ट्रैक्टर को भारी पड़ गया। रेलवे ने कॉन्ट्रैक्टर पर 5 रूपये ज्यादा चार्ज करने के लिए एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया है। दरअसल, एक यात्री ने पानी की बोतल के लिए ज्यादा पैसे वसूले जाने की ट्विटर पर शिकायत की थी। अंबाला रेलवे डिविजन ने यूपी के गोंडा के कॉन्ट्रैक्टर चंद्र मौली मिश्रा पर एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया है। चंद्रमौली लखनऊ-चंडीगढ़- लखनऊ (12231/32) ट्रेन के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) के कॉन्ट्रैक्टर हैं। दरअसल, इस ट्रेन में पैंट्री कार नहीं थी, जिसकी वजह से रेलवे आईआरसीटीसी के वेंडर पर निर्भर है।
हाल ही में ट्रेन संख्या 12232 ( चंडीगढ़- लखनऊ) चंडीगढ़ से शाहजहांपुर की यात्रा कर रहे एक यात्री ने ट्विटर पर वीडियो पोस्ट करके दावा किया था कि उनसे पानी की बोतल के लिए 20 रूपये चार्ज किए गए, जबकि यह बोतल की एमआरपी 15 रूपये थी। ट्विटर पर शिकायत दर्ज करने के बाद पानी की बोतल बेचने वाले दिनेश के मैनेजर को लखनऊ में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा, ब्रांच ने डीआरएम मनदीप सिंह भाटिया को जुर्माना लगाने के लिए कहा। सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर हरी मोहन ने बताया, आईआरसीटीसी के रीजनल मैनेजर को अंबाला समन किया गया और मामले की जानकारी दी गई।
साथ ही इस बात पर भी चर्चा हुई कि कैसे ओवरचार्जिंग शिकायतों को ठीक किया जाए। डीआरएम भाटिया ने बताया कि लाइसेंस डॉक्यूमेंट्स चेक करने के बाद कॉन्ट्रैक्टर पर एक लाख रूपये का जुर्माना लगा दिया गया है। इसकी जानकारी आईआरसीटीसी आरएम को भी दी गई है।
उन्होंने आगे कहा कि ओवरचार्जिंग पर रोक लगाने के लिए इस साल 1 अप्रैल से मंडल में 1000 से अधिक अनधिकृत विक्रेताओं पर मुकदमा चलाया गया है। आरपीएफ और अन्य कर्मचारियों के समन्वय से ओवरचार्जिंग के खिलाफ ठोस कार्रवाई के लिए 15 दिनों का एक विशेष अभियान भी शुरू किया गया है।

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