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सकल जैन समाज ने सम्मेद शिखरजी बचाओ आन्दोलन के समर्थन में सौंपा ज्ञापन
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ज्ञापन के माध्यम से बताया कि 20 जैन तीर्थकरों और अनन्त सन्तों की मोक्ष स्थली होने के कारण श्री सम्मेद शिखर जी का कण कण प्रत्येक जैन के लिए पूज्यनीय व वन्दनीय है। सूचना के अधिकार के तहत केन्द्रीय वन मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पारसनाथ तीर्थराज को इको सेन्सिटीव जोन मे घोषित किये जाने के पूर्व झारखंड सरकार या वन मन्त्रालय द्वारा कम से कम दो राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्रों और एक स्थानीय भाषा के समाचार पत्र मे आरम्भिक अधिसूचना प्रकाशित किये जाने के साथ मधुबन मे सैकड़ो वर्षों से कार्यरत जैन संस्थाओं को

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निम्बाहेड़ा (प्रातः काल संवाददाता) । झारखण्ड राज्य सरकार की अनुशंसा पर गिरीडिह जिले में स्थित पारसनाथ पर्वतराज को बिना जैन समाज की सहमति के वन्य जीव अभ्यारण, पर्यावरण पर्यटन के लिए घोषित इको सेंसिटीव जोन के अन्तर्गत जोनल मास्टर प्लान, पर्यटन, धार्मिक सूचि से बाहर निकाले जाने की मांग को लेकर निम्बाहेड़ा के सकल जैन समाज द्वारा राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के सम्बोधन का ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी सौंपते हुए इस पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए कार्यवाही करने का आदेश जारी कर समाज के साथ न्याय करने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से बताया कि 20 जैन तीर्थकरों और अनन्त सन्तों की मोक्ष स्थली होने के कारण श्री सम्मेद शिखर जी का कण कण प्रत्येक जैन के लिए पूज्यनीय व वन्दनीय है। सूचना के अधिकार के तहत केन्द्रीय वन मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पारसनाथ तीर्थराज को इको सेन्सिटीव जोन मे घोषित किये जाने के पूर्व झारखंड सरकार या वन मन्त्रालय द्वारा कम से कम दो राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्रों और एक स्थानीय भाषा के समाचार पत्र मे आरम्भिक अधिसूचना प्रकाशित किये जाने के साथ मधुबन मे सैकड़ो वर्षों से कार्यरत जैन संस्थाओं को कोपी उपलब्ध नही कराई गयी, जिसके विरोध मे विश्व जैन संगठन द्वारा 17 मार्च 2022 को केन्द्रीय वन मंत्रालय और झारखंड सरकार को इसे रद्द करने हेतु याचिका भेजी गयी। इस पर मंत्रालय द्वारा कोई कार्यवाही नही करने पर विश्व जैन संगठन द्वारा 26 मार्च 2022, 6 जुन 2022 और 2 अगस्त 2022 को जैन संस्थाओं, जैन बन्धुओं द्वारा देशव्यापी शान्तिपूर्ण विरोध करने के साथ ही पत्र लिखकर कार्यवाही हेतु निवेदन किया गया, लेकिन याचिकाओं पर आज तक कोई कार्यवाही नही की गयी। यहीं नहीं राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग द्वारा भी 24 मार्च 2022 को समस्त जैन समाज के इन विषयों पर झारखंड सरकार और केन्द्रीय वन मंत्रालय को कार्यवाही करने हेतु लिखने की जानकारी दी गयी थी, लेकिन उस पर भी आज तक कोई कार्यवाही नही की गयी। ज्ञापन से पूर्व निम्बाहेड़ा सकल जैन समाज ने आदर्श कॉलोनी स्थित श्री राजेन्द्र सूरि ज्ञान मंदिर से पोस्ट ऑफिस, शेखावत सर्कल होते हुए महाराणा प्रताप सर्कल से एसडीएम कार्यालय तक मौन जुलूस निकाल कर झारखण्ड सरकार की अनुसंशा पर विरोध अर्ज करवाया।
इस दौरान पूर्व विधायक एवं जैन जागृति सेंटर के अशोक नवलखा, महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति संयोजक शान्तिलाल मारू, श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ अध्यक्ष मोतीलाल रांका, साधुमार्गी जैन श्रावक संघ अध्यक्ष रतनलाल पोरवाल, श्री श्वेताम्बर त्रीस्तुतिक संघ अध्यक्ष मनीष बाबेल, दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष सोहनलाल जैन श्वेताम्बर तपागच्छ संघ अध्यक्ष मुकेश नागोरी, विजयगच्छ संघ अध्यक्ष समरथमल सिंघवी, खतरगच्छ संघ अध्यक्ष कमल डागा, तेरापंथ संघ अध्यक्ष बाबूलाल सिंघवी, सहित सैंकडों की संख्या में जैन समाज के स्त्री पुरूष मौजूद रहे।

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