Ghee Seized

प्रातः काल संवाददाता उदयपुर । चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मिलावट की आशंका पर एक डेयरी पर बेचे जा रहे 156 लीटर घी को सीज करते हुए जांच के लिए नमूने लिए। साथ ही पूर्व में भेजे सैम्पल की लैब से रिपोर्ट आने पर न्यायालय में वाद पेश किए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शंकरलाल बामणिया ने बताया की खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक कुमार गुप्ता ने टीम के साथ सबसिटी सेन्टर स्थित आदित्य ऐजेन्सी का निरीक्षण किया तथा मिलावट की शंका पर घी (बिलोना) एवं घी ( डेयरी फ्रेश) तथा वनस्पति (दिव्या फ्रेश लाईट) के नमूने जांच के लिए लेकर प्रयोगशाला भिजवाया।
जहां से रिपोर्ट मिलने पर उसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। नमूना लेने के बाद में शंका के आधार पर 500 किलो घी के 10 कार्टून कुल 156 लीटर सीज किया गया। इसमें नमूना सबस्टेण्डर्ड पाए जाने पर 5 लाख तक का जुर्माना, मिसब्राण्ड पाये जाने पर 3 लाख तक का जुर्माना तथा अनसेपु पाये जाने पर 6 माह से लेकर आजीवन कारावास की सजा तथा 1 लाख से लेकर 10 लाख रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।

न्यायालय में वाद पेश
इसी तरह विभाग द्वारा पिछले दिनो लिए गए 5 प्रकरण में रिपोर्ट आने पर न्याय निर्णयन अधिकारी उदयपुर की कोर्ट वाद में पेश किए, जिसमें मैसर्स धीरगढ़ पैलेस हरिदास जी की मगरी पर दही का सैम्पल सबस्टैण्डर्ड का निकला।
इसी तरह मैसर्स मातेश्वरी किराणा स्टोर भीण्डर एवं थोक विक्रेता आर के ऑइल ट्रैडर्स उदयपुर पर रिफाईण्ड कपासिया तेल (विमल) का नमूना सबस्टैण्डर्ड निकला। इसी तरह मैसर्स चुण्डावत डेयरी प्रा लि डबोक से घी (अवनी) मिसब्राण्डेड निकला। मैसर्स महादेव किराणा स्टोर खैरवाड़ा एवं थोक विक्रेता मैसर्स सिंघवी सेल्स कॉर्पोरेशन उदयपुर से चाय (विराग गोल्ड) का नमूना मिसब्राण्डेड मिला। इसी तरह मैसर्स श्री बाबा डेयरी सबसिटी सेन्टर उदयपुर से पनीर का नमूना सबस्टैण्डर्ड निकला।
Editorial

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