NEET स्कैम पर आनंद कुमार का फूटा गुस्सा; 'सिस्टम ने तोड़ दिया छात्रों का भरोसा'
नीट पेपर लीक पर सुपर-30 के आनंद कुमार ने जताई निराशा; सरकार से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और छात्रों से धैर्य के साथ दोबारा तैयारी में जुटने की भावुक अपील की।

सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार और दूसरी ओर नीट परीक्षा केंद्र के बाहर कतार में खड़े छात्र, जो देशव्यापी पेपर लीक और परीक्षा निरस्त होने के बाद अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।
Anand Kumar Super 30 reaction : देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) के पेपर लीक होने की घटना ने न केवल लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है, बल्कि पूरी शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को भी झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर संकट के बीच 'सुपर-30' के संस्थापक और विख्यात गणितज्ञ आनंद कुमार ने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस पूरे प्रकरण को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। मंगलवार, 12 मई 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से देश के युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि यह समय छात्रों और अभिभावकों के लिए घोर निराशा का है, लेकिन अंधकार के इस दौर में धैर्य ही एकमात्र सहारा है। आनंद कुमार ने जोर देकर कहा कि सरकार द्वारा परीक्षा रद्द करने का निर्णय कड़ा अवश्य है, परंतु न्यायोचित पारदर्शिता के लिए यह अनिवार्य कदम था।
इस वृहद पेपर लीक नेटवर्क की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, इसके भयावह विस्तार की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आ रही है। जांच की कड़ियों के अनुसार, इस पूरे षड्यंत्र का सूत्रपात केरल से राजस्थान तक फैले एक 'गेस पेपर' सिंडिकेट से हुआ। परीक्षा से करीब एक माह पूर्व ही 150 पृष्ठों का एक संदेहास्पद दस्तावेज बाजार में सर्कुलेट किया गया था, जिसमें लगभग 410 प्रश्न शामिल थे। हैरानी की बात यह है कि मुख्य परीक्षा में 120 सवाल हूबहू उसी संचयन से पाए गए, जिनमें विशेष रूप से केमिस्ट्री और बायोलॉजी के कठिन खंड शामिल थे। नासिक में तैयार हुई इस अवैध प्रतिलिपि ने हरियाणा के रास्ते बिहार, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान तक का सफर तय किया, जिससे पूरी परीक्षा की शुचिता खंडित हो गई।
आनंद कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया में दोषियों के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने तर्क दिया कि जब तक इस अपराध के पीछे के मास्टरमाइंड को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक भविष्य की परीक्षाओं में छात्रों का भरोसा बहाल करना असंभव होगा। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और एक असफल प्रयास या रद्द हुई परीक्षा किसी की योग्यता का अंतिम पैमाना नहीं हो सकती। उन्होंने परीक्षार्थियों से आग्रह किया कि वे घबराहट और मानसिक दबाव को त्यागकर नए जोश और सकारात्मकता के साथ पुन: तैयारी में जुट जाएं।
अब सबकी निगाहें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की आगामी घोषणाओं पर टिकी हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही नई परीक्षा तिथियों की घोषणा की जाएगी, जिसके लिए छात्रों को पुन: पंजीकरण या अतिरिक्त शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होगी। यह घटना भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है, जिसने नीति निर्माताओं को सुरक्षा प्रोटोकॉल पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है। आनंद कुमार का संदेश इस कठिन समय में एक प्रकाश स्तंभ की तरह है, जो युवाओं को यह याद दिलाता है कि चुनौतियों के बाद ही अवसर के नए द्वार खुलते हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
