SSC परीक्षा में हाईटेक सेंधमारी! रांची पुलिस ने पकड़ा सॉल्वर गैंग; ऐसे हो रही थी चीटिंग
रांची में SSC GD परीक्षा में रिमोट एक्सेस के जरिए फर्जीवाड़े का खुलासा। पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार कर हाईटेक सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश किया। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

रांची के पंडरा स्थित एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र का दृश्य
SSC GD exam scam Ranchi 2026 : झारखंड की राजधानी रांची में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की जीडी ऑनलाइन परीक्षा के दौरान एक ऐसे हाईटेक फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसने ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रांची पुलिस ने पंडरा पुलिस चौकी क्षेत्र स्थित पिस्का मोड़ के पास ‘फ्यूचरिस्टिक ऑनलाइन एग्जामिनेशन सेंटर’ पर छापेमारी कर एक अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह द्वारा इस्तेमाल की गई तकनीक इतनी उन्नत थी कि परीक्षा हॉल में बैठे अभ्यर्थियों को माउस छुए बिना ही उनके कंप्यूटर स्क्रीन पर सवालों के जवाब स्वतः दर्ज हो रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस त्वरित कार्रवाई में तकनीकी प्रबंधन से जुड़े लोगों सहित छह आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
घटना का क्रम सोमवार की पहली पाली के दौरान शुरू हुआ, जब परीक्षा केंद्र पर मौजूद पर्यवेक्षकों ने कुछ अभ्यर्थियों की संदिग्ध गतिविधियों को नोटिस किया। सीसीटीवी और मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए यह देखा गया कि अभ्यर्थी केवल स्क्रीन को देख रहे थे, जबकि उनका कर्सर अपने आप हिल रहा था और सही उत्तरों पर टिक लग रहा था। यह स्पष्ट रूप से 'रिमोट एक्सेस' तकनीक का मामला था, जिसमें परीक्षा केंद्र के बाहर बैठा कोई विशेषज्ञ इंटरनेट के जरिए सिस्टम को नियंत्रित कर रहा था। नगर पुलिस अधीक्षक पारस राणा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने मौके पर पहुँचकर तकनीकी उपकरणों को अपने कब्जे में लिया और नेटवर्क व्यवस्था की गहनता से जांच शुरू की।
प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई के तहत पुलिस ने परीक्षा केंद्र से कई महत्वपूर्ण सर्वर, कंप्यूटर हार्डवेयर और संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए हैं। इन सभी उपकरणों को फॉरेंसिक लैब भेजने की तैयारी की जा रही है, ताकि उस विशिष्ट सॉफ्टवेयर या मालवेयर का पता लगाया जा सके जिसका उपयोग सर्वर को बाईपास करने के लिए किया गया था। गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि इस गिरोह के तार बिहार और उत्तर प्रदेश के सक्रिय सॉल्वर गैंग से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि परीक्षा केंद्र के संचालकों की इस फर्जीवाड़े में कितनी संलिप्तता थी।
इस हाईटेक चोरी के खुलासे ने न केवल रांची बल्कि पूरे राज्य के शैक्षणिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शाम को होने वाली प्रेस वार्ता में पूरे सिंडिकेट और उनकी कार्यप्रणाली का विस्तृत ब्यौरा साझा किया जाएगा। यह कार्रवाई उन हजारों ईमानदार अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी राहत है जो वर्षों से इन प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि जैसे-जैसे परीक्षा प्रणालियां डिजिटल हो रही हैं, वैसे-वैसे नकल माफिया भी तकनीक का सहारा लेकर सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे निपटने के लिए अब पुलिस और साइबर सेल को और अधिक मुस्तैद रहने की आवश्यकता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
