एस.आई.ई.एस. महाविद्यालय का शिवविचार आधारित ‘कलाविस्तार–2025'
SIES कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकॉनॉमिक्स के मराठी साहित्य मंडल द्वारा आयोजित ‘कलाविस्तार–2025’ अंतरमहाविद्यालयीन मराठी कला महोत्सव उत्साहपूर्ण एवं सांस्कृतिक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस वर्ष महोत्सव की संकल्पना *‘शिवस्वराज्य–महाराष्ट्र की विरासत’* रही, जिसका उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज्य के विचारों को नमन करना था।

SIES College Marathi Festival : एस.आई.ई.एस. कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकॉनॉमिक्स की मराठी वाङ्मय मंडल द्वारा आयोजित ‘कलाविस्तार–2025’ अंतरमहाविद्यालयीन महोत्सव उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस वर्ष महोत्सव की संकल्पना ‘शिवस्वराज्य—महाराष्ट्र की विरासत’ रखी गई थी, जिसका उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज्य के विचारों को श्रद्धांजलि अर्पित करना था।
महोत्सव के माध्यम से महाराष्ट्र की समृद्ध परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, शिवकालीन शस्त्रकला, लोककला तथा विविध कलात्मक अभिव्यक्तियों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। मुंबई और उपनगरों के 20 से अधिक महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता करते हुए अपनी कलात्मक प्रतिभा प्रस्तुत की।
इस महोत्सव में प्रदर्शनात्मक कला, साहित्य लेखन, ललित कला और डिजिटल कला जैसे विविध विभागों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इनमें एकल एवं समूह गायन, लोकनृत्य, एकपात्री अभिनय, कथाकथन, वक्तृत्व, पत्र लेखन, रंगोली और मेहंदी जैसी प्रतियोगिताएँ शामिल थीं। सभी प्रतियोगिताएँ मराठी भाषा और महाराष्ट्रीय संस्कृति से जुड़ी होने के कारण महोत्सव को विशुद्ध मराठी सांस्कृतिक स्वरूप प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य सीए प्रसन्न तांबे, उपप्राचार्य डॉ. शैलश्री उचील, मराठी वाङ्मय मंडल के समन्वयक प्रा. अनिकेत स्वराज तथा प्रा. निखिल बागडे उपस्थित थे। महोत्सव को सफल बनाने में विद्यार्थी प्रतिनिधि अथर्व सालवी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्राचार्य सीए प्रसन्न तांबे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “कलाविस्तार जैसे उपक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मराठी भाषा, महाराष्ट्रीय संस्कृति और शिवविचारों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ यह महोत्सव विद्यार्थियों में सृजनशीलता, आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना को विकसित करता है। शिक्षा के साथ सांस्कृतिक मूल्यों का पोषण समय की आवश्यकता है और ‘कलाविस्तार’ इसके लिए एक प्रभावी मंच सिद्ध हो रहा है। विभिन्न भाषायी पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सहभागिता इस महोत्सव की विशेषता है।”
महोत्सव के समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता एवं उपविजेता प्रतिभागियों को मान्यवरों के करकमलों से पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। पूरे महोत्सव को सफल बनाने के लिए मराठी वाङ्मय मंडल, विद्यार्थी स्वयंसेवकों और प्राध्यापकवर्ग ने विशेष परिश्रम किए। ‘कलाविस्तार–2025’ ने शिवविचारों की विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुँचाते हुए युवाओं की सृजनात्मक ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी—ऐसी भावना उपस्थित मान्यवरों ने व्यक्त की।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
