RPSC भर्ती परीक्षा पर रोक; कोर्ट बोला 'पहले जारी करें विस्तृत सिलेबस'
राजस्थान हाई कोर्ट ने RPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने आदेश दिया कि पहले विस्तृत सिलेबस जारी किया जाए और उसके 30 दिन बाद ही परीक्षा आयोजित की जाए। अभ्यर्थियों ने आयोग की जल्दबाजी और सिलेबस ना देने पर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

RPSC assistant professor exam 2025 Rajasthan : राजस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। राजस्थान हाई कोर्ट ने RPSC की इस भर्ती परीक्षा पर अस्थाई रोक लगा दी है और आयोग को आदेश दिया है कि पहले विस्तृत सिलेबस जारी किया जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिलेबस जारी होने के 30 दिन बाद ही परीक्षा आयोजित की जा सकती है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा की तारीख 7 दिसंबर निर्धारित थी, लेकिन आयोग ने अभी तक सिलेबस जारी नहीं किया था, जिससे अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का रुख किया।
मंगलवार को राजस्थान हाई कोर्ट ने इस मामले में RPSC सचिव को तलब किया था। बुधवार को सचिव रामनिवास मेहता कोर्ट में पेश हुए, जिसके बाद कोर्ट ने परीक्षा पर रोक लगाने का आदेश दिया। अभ्यर्थियों का आरोप था कि आयोग ने परीक्षा के लिए कोई भी सिलेबस नहीं दिया और जल्दबाजी में परीक्षा आयोजित करने का प्रयास किया जा रहा था। इसको लेकर कई अभ्यर्थी भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पहुंचे और जनसुनवाई में मंत्रियों से मिलने का प्रयास भी किया।
भर्ती परीक्षा का विज्ञापन सितंबर में जारी हुआ था। अभ्यर्थी श्रीकांत सोनी ने बताया कि तब आयोग ने कहा था कि विस्तृत सिलेबस जल्द जारी किया जाएगा। लेकिन बार-बार अनुरोध करने के बावजूद सिलेबस अब तक घोषित नहीं हुआ। आयोग की ओर से परीक्षा जल्दबाजी में कराने की कोशिश को लेकर अभ्यर्थियों में असंतोष है। हाई कोर्ट का आदेश आयोग के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि परीक्षा की पारदर्शिता और तैयारी की गंभीरता पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
राजस्थान हाई कोर्ट का यह निर्णय न केवल अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि परीक्षा प्रक्रिया न्यायसंगत और स्पष्ट नियमों के तहत आयोजित हो। अब अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और आयोग को नियमों का पालन करना होगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
