नीट परीक्षा रद्द होने के बाद आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए, बीजेपी ने भी किया पलटवार।

NEET UG paper leak 2026 political row : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) के पेपर लीक मामले ने अब एक बेहद संवेदनशील और बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस राष्ट्रीय संकट को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। केजरीवाल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ का सीधा संबंध देश के शीर्ष नेतृत्व की शिक्षा से जोड़ते हुए एक नई बहस छेड़ दी है। इस तीखे हमले के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है, जिसने आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले देश के सियासी तापमान को बढ़ा दिया है।

22 लाख छात्रों का भविष्य अधर में, 'गेस पेपर' ने खोली व्यवस्था की पोल :

इस पूरे विवाद की जड़ में नीट-यूजी 2026 परीक्षा के दौरान सामने आई एक बेहद चौंकाने वाली धांधली है। जांच में यह बात सामने आई कि परीक्षा से पहले ही एक 'गेस पेपर' लीक हो गया था, जिसके कुल 120 प्रश्न मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खा रहे थे। इस पुख्ता खुलासे के बाद परीक्षा की शुचिता पूरी तरह भंग हो गई और सरकार को देश भर के लगभग 22 लाख विद्यार्थियों की परीक्षा को आनन-फानन में रद्द करने का एक बड़ा और कड़ा फैसला लेना पड़ा। इस अप्रत्याशित निरस्तीकरण के कारण लाखों परिवारों में भारी आक्रोश और मानसिक तनाव का माहौल व्याप्त है। प्रशासनिक अमले की इस बड़ी विफलता को ही आधार बनाकर विपक्ष ने केंद्र सरकार को चौतरफा घेरना शुरू कर दिया है।

वायुसेना की निगरानी में दोबारा परीक्षा की तैयारी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम :

अधिकारिक और कानूनी स्तर पर इस व्यवस्था को सुधारने और परीक्षा प्रणाली की खोई हुई साख को वापस पाने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और सरकार ने अब बेहद सख्त कदम उठाए हैं। रद्द की जा चुकी इस परीक्षा के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए अब 21 जून की तारीख तय की गई है। इस बार सुरक्षा व्यवस्था में कोई भी कसर न छोड़ने के उद्देश्य से प्रश्नपत्रों के परिवहन और सुरक्षा की कमान भारतीय वायुसेना को सौंपने का निर्णय लिया गया है। वायुसेना के विशेष विमानों के जरिए प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों तक कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचाया जाएगा ताकि लीक की किसी भी गुंजाइश को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

पलटवार के केंद्र में डिग्रियां, पंजाब और आगामी चुनावों पर सियासी असर :

अरविंद केजरीवाल के इस हमले के बाद भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों और आलोचकों ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की। सत्ता पक्ष की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीए (BA) और एमए (MA) की डिग्रियों का हवाला देते हुए उनके कार्यकाल की कई ऐतिहासिक और जमीनी उपलब्धियों को सामने रखा गया है। बीजेपी ने पलटवार करते हुए देश में 11 करोड़ शौचालयों के निर्माण और लगभग 415 मिलियन (41.5 करोड़) लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकालने के वैश्विक रिकॉर्ड को प्रधानमंत्री की प्रशासनिक क्षमता का प्रतीक बताया है। इसके साथ ही, बीजेपी ने आम आदमी पार्टी को उसके अपने ही गढ़ में घेरते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल दाग दिए हैं कि वे स्वयं केवल 12वीं कक्षा तक ही शिक्षित हैं।

नेताओं की शैक्षणिक योग्यता को लेकर छिड़ी यह तीखी बहस केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहने वाली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि साल 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा वोट बैंक को प्रभावित करने का एक बड़ा जरिया बनेगा। देश में बार-बार होने वाले पेपर लीक ने जहां युवाओं के भीतर गहरे असंतोष को जन्म दिया है, वहीं अब इस पर हो रही राजनीति ने नीतिगत मुद्दों को पीछे धकेल दिया है। 21 जून को होने वाली पुनरीक्षा की सफलता जहां सरकार के लिए एक बड़ी प्रशासनिक परीक्षा होगी, वहीं शिक्षा बनाम योग्यता की यह राजनीतिक जंग आने वाले दिनों में और अधिक आक्रामक रुख अख्तियार कर सकती है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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