NEET 2026 Re-Exam: देहरादून में परीक्षा केंद्रों के बाहर लागू हुई धारा 163, इन चीजों पर लगा पूरी तरह बैन
NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा से पहले देहरादून प्रशासन ने 16 परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा 163 लागू कर सार्वजनिक जमावड़े, रैली, नारेबाजी और लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगा दिया है। NTA के निर्देश पर सुरक्षा बढ़ाई गई है, जबकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा सुधारों और अगले वर्ष से CBT मोड लागू करने की घोषणा की है।

देहरादून पुलिसकर्मी (सांकेतिक तस्वीर)
NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा से ठीक पहले उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा और शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। 21 जून को आयोजित होने वाली पुनर्परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष नियंत्रण क्षेत्र घोषित करते हुए सार्वजनिक गतिविधियों पर कई अहम प्रतिबंध लगाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य अभ्यर्थियों को बिना किसी व्यवधान के शांत और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे पूरी एकाग्रता के साथ परीक्षा दे सकें।
देहरादून जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार शहर के सभी 16 NEET-UG परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इस आदेश के तहत परीक्षा केंद्रों के आसपास पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी। यह प्रतिबंध अभ्यर्थियों, परीक्षा ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और अधिकृत कर्मचारियों को छोड़कर अन्य सभी व्यक्तियों पर लागू होगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की रैली, प्रदर्शन, धरना, राजनीतिक सभा, नारेबाजी, भड़काऊ भाषण या वाहन जुलूस की अनुमति नहीं होगी। साथ ही लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है ताकि शोर-शराबे और ध्वनि प्रदूषण से छात्रों की तैयारी और परीक्षा प्रभावित न हो।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए हथियारों के साथ आवाजाही पर भी रोक लगाई गई है। आदेश के अनुसार आग्नेयास्त्र, तलवार, लाठी और अन्य धारदार हथियारों को परीक्षा केंद्रों के आसपास ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा पत्थर, ईंट, लोहे की रॉड या ऐसी किसी भी सामग्री के भंडारण पर प्रतिबंध लगाया गया है जिनका उपयोग कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या किसी प्रकार की अशांति फैलाने के लिए किया जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार ये प्रतिबंध राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के निर्देशों के अनुरूप लागू किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों के आसपास ऐसा वातावरण सुनिश्चित करना है जहां छात्रों को किसी प्रकार का मानसिक दबाव, शोर या बाहरी व्यवधान का सामना न करना पड़े। साथ ही किसी भी संभावित विरोध प्रदर्शन, राजनीतिक गतिविधि या भीड़भाड़ को रोकना भी इस निर्णय का महत्वपूर्ण कारण बताया गया है। परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए सभी 16 केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है। प्रशासनिक अधिकारी पूरे परीक्षा काल के दौरान निगरानी रखेंगे और आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
गौरतलब है कि NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को देशभर में आयोजित की जा रही है। इससे पहले 3 मई को हुई मूल परीक्षा को कथित पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दिया गया था। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और राज्य सरकारों ने परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाई गई है और सुरक्षा एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि छात्रों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार उनकी चिंताओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि NTA ने 21 जून को पुनर्परीक्षा की तिथि निर्धारित की है और सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड निर्धारित समयसीमा के भीतर उपलब्ध करा दिए गए हैं।
शिक्षा मंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले वर्ष से NEET-UG परीक्षा पारंपरिक OMR आधारित प्रणाली के बजाय कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में व्यापक सुधारों की आवश्यकता है और भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
देहरादून में लागू किए गए ये विशेष प्रतिबंध ऐसे समय में सामने आए हैं जब देशभर में NEET अभ्यर्थियों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है। हाल के दिनों में परीक्षा संबंधी तनाव से जुड़े कई चिंताजनक घटनाक्रम सामने आए हैं, जिसने परीक्षा व्यवस्था और छात्रों की मनोवैज्ञानिक सुरक्षा को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है। ऐसे में 21 जून की पुनर्परीक्षा न केवल लाखों छात्रों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि यह देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता की भी बड़ी परीक्षा साबित होगी।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
