नीट परीक्षा घोटाले को लेकर मचा घमासान; शिक्षा मंत्री ने प्रदर्शनकारी युवाओं को 'विघटनकारी तत्वों की बी-टीम' बताया
नीट यूजी पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं को विघटनकारी तत्वों की बी-टीम कहा है।

नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान नीट यूजी परीक्षा घोटाले और पेपर लीक विवाद पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान।
NEET UG 2026 Scandal : देशभर के २३ लाख से अधिक मेडिकल परीक्षार्थियों के भविष्य से जुड़े नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा घोटाले को लेकर मचा घमासान अब एक नए राजनीतिक और सामाजिक टकराव में बदल गया है। एक हालिया साक्षात्कार में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं के बीच तीखी बहस सामने आई है, जिसने इस पूरे मामले को और अधिक गरमा दिया है। परीक्षा रद्द होने और बेरोजगारी की मार झेल रहे छात्रों के आक्रोश के बीच शिक्षा मंत्री ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवा प्रदर्शनकारियों को 'विघटनकारी तत्वों की बी-टीम' करार दिया है। इस तीखे बयान ने जहां एक तरफ आंदोलनकारी छात्रों के गुस्से को और भड़का दिया है, वहीं दूसरी तरफ सरकार की प्रशासनिक विफलता और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस पूरे विवाद की जड़ ३ मई को आयोजित हुई नीट-यूजी परीक्षा है, जिसमें बड़े पैमाने पर पेपर लीक होने की पुष्टि के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। इसके बाद भारी सुरक्षा व्यवस्था और कड़े प्रोटोकॉल के बीच दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। शिक्षा मंत्री ने इस पूरे सुरक्षा उल्लंघन के लिए उन शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराया है जिन पर एजेंसी ने सबसे ज्यादा भरोसा किया था। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि इस मामले में रक्षक ही भक्षक बन गए, जिसके कारण लाखों होनहार छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। इस घोटाले के बाद उपजे मानसिक तनाव और अनिश्चितता के कारण लगभग १० से १२ छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं। छात्रों की मौत पर गहरा व्यक्तिगत दुख और आत्मग्लानि व्यक्त करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब भी किसी छात्र की आत्महत्या की खबर आती है, वह खुद को कोसते हैं और इस टूटे हुए सिस्टम को सुधारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
Now this was not needed from our Education Minister.
— ItzMe_KJ (@_TheTopGun) June 23, 2026
Ek toh chori, upar se seena jori pic.twitter.com/N5MzG8nz4i
इस महाघोटाले के कानूनी और आधिकारिक पहलुओं की बात करें तो मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई थी। सीबीआई ने अब तक इस लीक कांड में शामिल तीन शिक्षकों सहित कुल १३ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। भविष्य में ऐसी तकनीकी खामियों और मानवीय हस्तक्षेप को पूरी तरह समाप्त करने के लिए शिक्षा मंत्री ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से यह परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। दूसरी तरफ, दिल्ली के जंतर-मंतर पर अभिजीत दिपके के नेतृत्व में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र न केवल इस परीक्षा घोटाले के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, बल्कि देश में बढ़ती बेरोजगारी और व्यवस्था की उदासीनता को लेकर भी सरकार को घेर रहे हैं। यह आंदोलन अब केवल एक परीक्षा के विरोध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारतीय युवाओं के गहरे असंतोष और देश की सबसे बड़ी परीक्षा नियामक संस्था की विश्वसनीयता पर एक बहुत बड़ा आघात बनकर उभरा है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
