देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET-UG 2026 अब एक बड़े विवाद और भरोसे के संकट के केंद्र में आ गई है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा परीक्षा रद्द किए जाने के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तथाकथित “अमृतकाल” अब देश के लिए “विषकाल” बन चुका है।

NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 22 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। लेकिन परीक्षा के कुछ ही दिनों बाद राजस्थान से कथित “गेस पेपर” लीक होने की खबरें सामने आने लगीं। केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद परीक्षा की निष्पक्षता और गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। इसके बाद NTA ने आधिकारिक रूप से परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच की जिम्मेदारी Central Bureau of Investigation को सौंप दी है। CBI अब इस बात की जांच करेगी कि कथित ‘गेस पेपर’ परीक्षा से पहले कैसे प्रसारित हुआ और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था। सूत्रों के अनुसार, राजस्थान में सामने आया पेपर लीक मामला इस पूरे विवाद का प्रमुख कारण माना जा रहा है। जांच एजेंसियों ने अब तक 45 लोगों को हिरासत में लिया है और कई डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा तथा अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। NTA ने भी कहा है कि वह जांच एजेंसियों को हर जरूरी रिकॉर्ड और डेटा उपलब्ध कराएगी।

परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों छात्रों और उनके परिवारों में भारी निराशा और तनाव का माहौल है। लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अब दोबारा परीक्षा की अनिश्चितता और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अब लाखों छात्र फिर से मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि छात्रों का भविष्य मेहनत के बजाय पैसे और पहुंच से तय होने लगे, तो शिक्षा व्यवस्था का महत्व क्या रह जाएगा।



राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण छात्रों के सपनों को कुचल दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय परीक्षाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने में सरकार लगातार विफल रही है। इससे पहले भी राहुल गांधी NEET परीक्षा को लेकर विवादित बयान देते हुए कह चुके हैं कि “NEET अब एक नीलामी बन चुका है” और परीक्षा से कुछ घंटे पहले प्रश्नपत्र व्हाट्सप्प पर बेचे जा रहे हैं।

इस पूरे विवाद पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी Vadra ने भी केंद्र सरकार की आलोचना की है। विपक्ष ने लगातार हो रहे परीक्षा पेपर लीक मामलों को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है। अब देशभर के लाखों छात्रों की नजर सरकार और जांच एजेंसियों पर टिकी हुई है। NEET-UG 2026 का रद्द होना केवल एक परीक्षा का संकट नहीं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठे सबसे बड़े सवालों में से एक बन गया है। आने वाले दिनों में CBI जांच और दोबारा परीक्षा की प्रक्रिया यह तय करेगी कि देश की शिक्षा व्यवस्था में छात्रों का भरोसा किस हद तक बहाल हो पाता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

Next Story